Driving license: ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर है संदेह तो पढ़ें यह खबर

ट्रैफिक नियमों में बदलाव के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस भी बदल चुके हैं। अब डीएल और आरसी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट एक ही रंग के हैं।

By: babanrao pathe

Published: 07 Mar 2020, 11:10 AM IST

छिंदवाड़ा. ट्रैफिक नियमों में बदलाव के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस भी बदल चुके हैं। अब डीएल और आरसी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट एक ही रंग के हैं। पूरे देश में एक जैसे डीएल हो चुके हैं। इसके पहले तक हर राज्य के अलग-अलग ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी हुआ करती थीं। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से नए डीएल और आरसी मिलना शुरू हो चुकी है। सबसे खास बात यह है कि पुराने लाइसेंस भी मान्य होंगे, उन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है और न ही उन्हें अमान्य किया गया है।

आम लोगों के बीच यह भ्रम है कि नए लाइसेंस आने के बाद से पुराने लाइसेंस मान्य नहीं होंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। नए लाइसेंस बनने की तारीके पहले तक जो भी लाइसेंस बने हैं वे मान्य होंगे और अब जो भी लाइसेंस और आरसी मिलेगी वह नय नियमों के साथ होगी। अगर कोई लाइसेंस धाकर नए नियम वाला लाइसेंस बनवाना चाहता है तो वह अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में निर्धारित फीस चार सौ रुपए जमा कर कॉपी ले सकता है। हालांकि यह भी जरूरी नहीं है, यह इच्छा पर निर्भर करता है। अभी तक 2 हजार आठ सौ नए ड्राइविंग लाइसेंस वितरित किए जा चुके हैं। वहीं तीन हजार दो सौ आरसी भी बांटी जा चुकी है। अब किसी वाहन की आरसी और डीएल प्रतीक्षा में नहीं है। बताया जा रहा है कि आवेदन करने के निर्धारित दिनों में दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

नए डीएल और आरसी में यह है अतिरिक्त

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अनुसार नए नियम के बाद बनाए जा रहे ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में माइक्रोचिप और क्यूआर कोड है। इससे वाहन चालक और वाहन का पिछला रिकॉर्ड छिपाया नहीं जा सकता। क्यूआर कोड से केन्द्रीय डेटा बेस से ड्राइवर और व्हीकल की पहले से सारे रिकॉर्ड एक जगह पढ़े जा सकेंगे। सबकुछ ऑन लाइन दिखाई देगा। वहीं पुराने ड्राइविंग लाइसेंस में चिप और क्यूआर कोड नहीं है, जिसके कारण पुराना रिकॉर्ड नहीं खंगाला जा सकता।

पुराने लाइसेंस भी मान्य

नए लाइसेंस बनाए जाने की तरीख से पहले जितने भी लाइसेंस बने हैं वे सभी मान्य होंगे। किसी भी तरह से भ्रम की स्थिति न रखें। कोई अगर नए लाइसेंस की कॉपी लेना चाहिता है तो उसे चार सौ रुपए फीस जमा करनी होगी। पुराने और नए लाइसेंस के बीच कुछ सुविधाओं का अंतर है।

-सुनील कुमार शुक्ला, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, छिंदवाड़ा

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