मिलिए इन जांबाज पुलिसकर्मियों से, किसी ने दी शहादत तो कोई बन रहा है मिसाल

मिलिए इन जांबाज पुलिसकर्मियों से, किसी ने दी शहादत तो कोई बन रहा है मिसाल
Salute to the policemen

Prabha Shankar Giri | Publish: Aug, 15 2019 09:28:57 AM (IST) Chhindwara, Chhindwara, Madhya Pradesh, India

स्वतंत्रता दिवस पर पुलिसकर्मियों के जज़्बे को सलाम

छिंदवाड़ा. मध्यप्रदेश पुलिस में एक से बढक़र एक जांबाज, निर्भीक और कर्मठ पुलिसकर्मी हैं जिनके नाम से अपराधियों के हौंसले पस्त हो जाते हैं तो कुछ ऐसे भी रहे हैं जो देश सेवा करते हुए शहीद हो गए। एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी वर्क ने ही इन्हें एक अलग पहचान दिलाई है। इनमें से एक थे एएसआइ देवचंद नागले जो देशसेवा करते हुए शहीद हो गए। स्वाधीनता दिवस की पूर्व की संध्या पर बुधवार को भोपाल में आयोजित एक समारोह में उनकी शहादत को याद किया। इधर 32 वर्षीय सब इंस्पेक्टर दीपक यादव जिन्होंने काफी कम समय में अपनी कार्यप्रणाली के बल पर अधिकारियों और साथियों के बीच एक अलग पहचान बना ली है। वे लगभग हर चुनौतीपूर्ण मामलों को साल्व करने में दीपक अधिकारियों द्वारा गठित टीम का हिस्सा होते हैं।73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर जिले के ऐसे ही पुलिसकर्मियों को सलाम।


देश सेवा करते शहीद हुए थे एएसआइ नागले
स्थाई वारंटियों को पकडऩे के लिए मामूली बल लेकर निकले
एएसआइ देवचंद नागले देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। देश सेवा और उनके ज’बे को हमेशा याद किया जाएगा। वर्ष 2018 की 24 जुलाई की रात को उमरेठ थाना में पदस्थ एएसआई देवचंद नागले को मुखबिर से सूचना मिली कि कुख्यात बदमाश जौहर ठाकुर ग्राम जमुनिया आया है। परिवार के सदस्यों के साथ उसकी देर रात को पार्टी भी हुई है। सूचना मिलते ही एएसआई, एक कोटवार और आरक्षक को साथ लेकर मौके पर पहुंच गए। पास में कोई हथियार भी नहीं था कि वे बदमाशों से निपट सुके। टीम ने जैसे ही स्थाई वारंटी को पकडऩे का प्रयास तो एएसआइ की टीम पर जौहर ठाकुर, उसके साथी और परिवार के लोगों ने हमला
बोल दिया। कुछ कर पाते इसके पहले सभी लोगों ने मिलकर देवचंद नागले की हत्या कर दी। दूसरे दिन पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छानबीन कर हमला करने वालों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धारा में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। देश की सेवा करते हुए नागले शहीद हो गए।

एक्स्ट्रा आर्डेनरी वर्क ही आपको अलग पहचान देता है
32 वर्षीय सब इंस्पेक्टर दीपक यादव कहते हैं कि पुलिस की खाकी वर्दी धारण कर एक पुलिसकर्मी के लिए अपने देश व मातृभूमि के लिए कुछ कर गुजरने का ज’बा ही सबसे बड़ा सम्मान होता है। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी दीपक को पुलिस विभाग में नौकरी करते हुए सात वर्ष हो चुके हैं। उनके पिता स्व. केदार यादव भी पुलिसकर्मी थे। नौकरी के दौरान एक सडक़ हादसे में पिता की मौत हो जाने के बाद दीपक ने पुलिस विभाग ’वाइन किया। दीपक का मानना है कि रूटीन के काम के अलावा आपको आगे बढक़र विभाग के अन्य कामों में भी हाथ बंटाना चाहिए। दीपक अब तक कई चुनौतीपूर्ण केस सॉल्व कर चुके हैं। लगभग दो वर्ष पूर्व इकलाख हत्याकांड के आरोपी को पकडऩे उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। दीपक कहते हैं कि वर्ष 2017 में गांगीवाड़ा टोल टैक्स के पास एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। केस चुनौतीपूर्ण था। मामला देहात थाना के अंतर्गत था और मेरी तैनाती धरमटेकड़ी पुलिस चौकी प्रभारी के तौर पर थी। इसके बावजूद मैंने उस केस में गुप्त तरीके से छानबीन की। लगभग एक माह तक केस पर मेरा ध्यान बना रहा। फिर मैंने एसपी साहब से केस को सुलझाने के लिए अनुमति मांगी। उन्हें बीते एक माह में जो भी केस के संबंध में मैंने काम किया था उसकी जानकारी दी। एसपी साहब ने अनुमति दे दी। अंतत: हम लोग केस को सुलझाने में सफल रहे।
सम्मानित हुए टीआइ विनोद कुशवाह... कोतवाली थाना में पदस्थ टीआइ विनोद कुशवाह को अ‘छे कार्य पर सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के गृह विभाग द्वारा उत्कृष्ट विवेचना के लिए विनोद कुशवाह को एक्सीलेंस इंवेस्टिगेशन अवार्ड 2019 दिया गया है।

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