देश की पहली महिला शिक्षक थीं सावित्री बाई फुले

उन्होंने समाज और देश में महिला जागृति का संदेश दिया। समाज की महिलाओं को भी सावित्री की तरह समाज के प्रति जागरूक होकर कार्य करने के लिए एकत्र होना चाहि

By: arun garhewal

Published: 04 Jan 2018, 05:02 PM IST

पांढुर्ना. महात्मा ज्योतिबा फुले माली समाज संगठन की ओर से सावित्री बाई ज्योतिबा फुले की 187 वीं जंयती मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि व समाज के वरिष्ठ नागरिकों ने महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्री बाई फुले के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रमोद भांगे ने माली समाज के बंधुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मां सावित्री ने अपना जीवन महिलाओं के लिए संघर्ष में व्यतीत किया। उन्होंने समाज और देश में महिला जागृति का संदेश दिया। समाज की महिलाओं को भी सावित्री की तरह समाज के प्रति जागरूक होकर कार्य करने के लिए एकत्र होना चाहिए। इस अवसर पर मंच संचालन मुकेश बारमासे एवं आभार प्रदर्शन मनोज सातपुते ने किया ।
इस अवसर पर समाज अध्यक्ष वसंतराव धान्डोले, संरक्षक गुणवंतराव टेम्बे, उपाध्यक्ष प्रदीप कांडलकर, सचिव प्रकाश निकाजु, मनोज सातपुते, गजानन गायधने, गजानन बनाईत, मुकेश बारमासे, अनिल नाडेकर, विवेक गायधने, निखिल बारमासे, निलेश बारमासे, संदीप बनाइइत, रूपेश गायधने, पंकज मानेकर, पंकज बनकर, राहुल गायधने महिलाओं में मुख्य अतिथि के रूप मे प्रमिता भांगे, वैशाली प्रदीप कांडलकर, रेखा गुणवंत टेम्बे, रंजना मनोज सातपुते, अनिता सुरेश निकाजु आदि अनेक महिलाएं व पुरूष वर्ग के उपस्तथि में कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।
पांढुर्ना. नगर पालिका कार्यालय में प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर नपा अध्यक्ष प्रवीण पालीवाल, सीएमओ आरके ईवनाती, सभापति उमेश आसटकर, आकाश सांबारे, सुरेश खोड़े, राजेश कुंडे, रेणुका सांबारे, रंजना सातपुते तथा पार्षद सिन्धुबाई देशभ्रतार, उपयंत्री एके कोल्हे सहित नगरपालिका के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
सर्वप्रथम सावीत्रीबाई फुले के छायाचित्र पर अध्यक्ष ने माल्यार्पण किया। इसके बाद सभापतिगण, पार्षदगण तथा अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा पुष्प अर्पित किए गए। सावीत्रीबाई ज्योतिबा की जयंती के अवसर पर पार्षद श्रीमती सिन्धुबाई देशभ्रतार द्वारा उनकी जिवनी पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। न.पा. अध्यक्ष द्वारा सावीत्रीबाई ज्योतिबा फुले की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया की उन्हें देश की प्रथम शिक्षिका होने का गौरव प्राप्त हुआ। सावीत्रीबाई फुले द्वारा अंग्रेजों के जमाने में ओ.बी.सी. महिला होते हुए हिन्दू समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। वह अभुतपुर्व और बेहद प्रेरणादायक है।
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सौंसर. महान समाज सुधारक समाज सेविका सावित्री बाई फुले की 187 वीं जयंती बौद्ध विहार में मनाई गई। सर्वप्रथम छायाचित्र समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण किया गया।
काशी विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. प्रमोद बागड़े ने उपस्थितों को सावित्रीबाई फुले की जीवनी से परिचित कराया। शिक्षा, संस्कार एवं तर्क, विवेक से आगे बढऩे मार्गदर्शन दिया। शोषण क्या होता है असमानता, अधंविश्वास आदि पर जागरूक किया। वहीं महात्मा ज्योतिबा फुले, डॉ. अम्बेडकर के बताए मार्ग पर चलने प्रेरित किया। इस अवसर पर दामोदर सहारे, अनिरुद्ध दुफारे, प्रवीण ठवरे, रमेश रंगारे, हर्षद ढोके, प्रतीक गजभिए, सूरज पगारे, विनोद ढोके, राजेन्द्र गजभिए, रोहित रंगारे सहित अन्य उपस्थित रहे।

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