पुणे के विद्रोह की आग एमपी तक पहुंची, राष्ट्रपति से सीबीआई जांच की मांग

भीमा कोरेगांव घटना पर आक्रोश...

By: Rajendra Sharma

Published: 04 Jan 2018, 09:40 AM IST

छिंदवाड़ा . नगर महिला कांग्रेस अनुसुचित जाति विभाग ने जिला प्रशासन को भीमा कोरेगांव की घटना के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सौंपते समय नगर महिला कांग्रेस अनुसुचित जाति विभाग अध्यक्ष आम्रपाली नारनवरे, मंदाकिनी सहारे, राधा मेश्राम, निकिता समसेर, उषा मेश्राम, ब्लॉक अध्यक्ष ललित चौरे, विधानसभा अध्यक्ष सुरजीत करोसिया, जिला संगठन मंत्री शैलेन्द्र नारनवरे, शुभम गुन्हेरे, अनिल गुन्हेरे, अनिल अहिरवार, आदिवासी प्रकोष्ठ सेे दशरथ उइके, संजय परतेती, शिव सिरशाम आदि उपस्थित थे। नारनवरे ने बताया कि ज्ञापन में भीमा कोरेगांव घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

दलितों की सुरक्षा की मांग करेगा कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ

कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपेंगा। प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष गुरुचरण खरे ने आरोप लगाया कि दलित समाज जागरुकता से आगे बढ़ रहा है। इसे कुछ लोग सहन नहीं कर पा रहे हैं। पुणे में भाजपा शासित सरकार और आरएसएस की शह पर दलितों को निशाना बनाया गया। प्रकोष्ठ इस पर ज्ञापन देकर ध्यान आकर्षित करेगा और दलितों की सुरक्षा की मांग करेगा। कांग्रेस ने कहा इस मामले में यदि न्योचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

दलित मुक्ति सेना ने भी सौंपा ज्ञापन

छिंदवाड़ा . महाराष्ट्र के भीमा कारेगांव में गत दिवस दलितों पर कथित रूप से मराठा समुदाय द्वारा जानलेवा हमला करने के विरोध में बुधवार को दलित मुक्तिसेना ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। अंबेडकर तिराहा से भीम सैनिक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया। सेना के रमेश लोखंडे, राजेश सांगोड़े, शैलेंद्र नारनवरे, विपिन समाहरे ने बताया कि एक जनवरी को महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में दलितों द्वारा पेशवाओं पर 200 वर्ष पूर्व जीत हासिल किए जाने पर शौर्य दिवस का आयोजन किया गया था। इसका विरोध करते हुए मराठा समुदाय के लोगों ने दलितों पर जानलेवा हमला किया। सेना ने इस घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

Rajendra Sharma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned