गुलाबी रंग देख उड़ गए शराब दुकान संचालकों के होश

गुलाबी रंग देख उड़ गए शराब दुकान संचालकों के होश

babanrao pathe | Publish: Feb, 15 2018 05:49:52 PM (IST) | Updated: Feb, 15 2018 07:55:09 PM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

शहर से शराब दुकानों को हटाकर अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग को लेकर गुलाबी गैंग कर प्रदर्शन लगातार जारी है।

छिंदवाड़ा. शहर से शराब दुकानों को हटाकर अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग को लेकर गुलाबी गैंग कर प्रदर्शन लगातार जारी है। विरोध में गैंग की सदस्यों ने पुलिस लाइन गेट के सामने जाम किया। काफी देर तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। फव्वारा चौक स्थित शराब दुकान के कर्मचारियों से तीखी नोक-झोंक भी हुई। कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला आबकारी अधिकारी से चर्चा की गई। हालांकि गुलाबी गैंग की इस पूरी कवायद का नतीजा इस बार भी सिफर ही रहा।

जानकारी के अनुसार गुलाबी गैंग की सदस्य बुधवार को फव्वारा चौक की शराब दुकान पहुंचीं। हाथों में लाठियां लिए पहुंची सदस्यों ने दुकान को बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अड़ गए। काफी देर की बहस के बाद दुकान बंद हुई। इस दौरान बस स्टैंड की शराब दुकान खुल गई तो गुलाबी गैंग ने पुलिस लाइन गेट के सामने जाम कर दिया। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद सदस्य सडक़ पर से उठीं और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला आबकारी अधिकारी दीपम रायचुरा से चर्चा की। गुलाबी गैंग की सदस्यों और अधिकारी के बीच बहस हुई। गुलाबी गैंग की मांग है कि शहर के भीतर मौजूद सभी शराब की दुकानों को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर बाहर शिफ्ट किया जाए। पिछले दिनों भी इसी मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था।

छिंदवाड़ा. महिला के साथ मारपीट करने के मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। चौरई सिविल न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तबस्सुम खान ने बचाव एवं अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद आरोपी पिता-पुत्र को सजा सुनाई। दोनों को अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। करीब छह साल पुराने मामले में फैसला सुनाया गया। जानकारी के अनुसार थाना चांद क्षेत्र के ग्राम गोसाई टोला नोनीबर्रा निवासी जोगी और उसके बेटे राजकुमार ने १४ जुलाई २०१२ को करीब ११ बजे क्षेत्र की एक महिला के साथ मारपीट की थी। महिला खेत में काम कर रही थी, इस दौरान पिता-पुत्र उसके खेत पहुंचे और पिटाई कर दी। घायल की रिपोर्ट पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मारपीट समेत अन्य धारा में मामला दर्ज किया था। विवेचना के बाद डायरी न्यायालय में पेश की। न्यायाधीश ने बचाव एवं अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद आरोपियों को १-१ हजार रुपए के अर्थदंड एवं न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार मर्सकोले ने पैरवी की।

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