Shivraj Sarkar: पिछली सरकार का विवाद थमा नहीं अब नए विवाद की तैयारी

अब नगर निगम के मत्थे स्ट्रीट लाइट का निजी ठेका मढऩे को तैयार प्रदेश सरकार,पहले 55 करोड़ रुपए में दिया था सफाई ठेका: सत्ता बदलते ही बिजली में 45 करोड़ का बोझ

By: prabha shankar

Updated: 05 Sep 2020, 08:43 PM IST

छिंदवाड़ा. पिछली कांग्रेस सरकार के समय नगर निगम में दिए गए सफाई ठेका का विवाद शांत नहीं हो पाया था कि अब फिर से निगम के मत्थे स्ट्रीट लाइट को प्राइवेट हाथों में सौंपने की तैयारी शुरू हो गई है। शिवराज सरकार ने नगर निगम समेत जिले के 16 नगरीय निकाय और नरसिंहपुर के कलस्टर को मिलाकर 45 करोड़ रुपए का ठेका देने का निर्णय किया है। महत्वपूर्ण यह है कि नगर निगम को इसका कलस्टर लीडर बनाते हुए दिल्ली की कम्पनी नीव से अनुबंध करने के लिए अधिकृत किया गया है।
निगम की जानकारी के अनुसार शहर के 48 वार्डों में इस समय 14 हजार पोल में 90 से लेकर 400 वॉट के बल्व लगे हुए हैं। सम्बंधित कम्पनी अक्टूबर से सर्वेक्षण कर 30 से 120 वॉट के एलइडी लाइट के लिए पोल चिह्नित करेगी। इसके बाद उसमें विधिवत लाइट लगाए जाएंगे। दावा है कि इस बदलाव से निगम को प्रतिमाह होने वाले 28 लाख रुपए के बिजली बिल की आधी रकम देनी होगी। इस ठेके का नकारात्मक पक्ष यह है कि निगम में स्ट्रीट लाइट सेक्शन देखनेवाले कर्मचारी भी इस कम्पनी के अधीन हो जाएंगे। यहीं कम्पनी नगर निगम से राशि लेकर उनका वेतन करेगी। रिपोर्ट के अनुसार 45 करोड़ रुपए के इस ठेके में नगर निगम को लीडर बतौर 3.65 करोड़ रुपए सालाना इस कम्पनी को देने होंगे। फिर निगम की जिममेदारी अपने अधीन 16 निकाय और नरसिंहपुर से स्ट्रीट लाइट की राशि वसूलने की होगी। नगरीय प्रशासन विभाग की बजटीय स्थिति को देखते हुए यह काफी चुनौतीपूर्ण होगा।
यहां यह उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सरकार के समय भी 55 करोड़ रुपए के सफाई ठेका में भी यहीं सपने दिखाए थे। फिर सरकार ने जब बजट से हाथ खड़े कर दिए तो पूरा ठीकरा निगम के मत्थे ही फूटा। इसकी उधारी अभी भी निगम चुका नहीं पाया है। चंद स्वार्थपूर्ति के लिए भोपाल से थोपे गए स्ट्रीट लाइट के ठेके के निर्णय का भी यहीं हश्र होने की सम्भावना है।


स्ट्रीट लाइट ठेका में ये भी खास
1.दिल्ली की कम्पनी सात साल तक स्ट्रीट लाइट का मेंटेनेंस करेंगी।
2.पुराने पोल पर कहीं तार टूट भी जाए तो उसे सुधारने की जिम्मेदारी होगी।
3.काम शुरू करने से पहले नगर निगम को तीन माह का एडवांस कम्पनी को देना होगा।
4.स्ट्रीट लाइट ठेका होने पर एस्को अकाउंट बनेगा। उससे ही निगम कर्मचारियों की तनख्वाह होगी।
निगम इस खाते में ही राशि डालने बाध्य होगा।

दिल्ली की प्रोजेक्ट मैनेजर ने दिया प्रेजेंटेशन
स्ट्रीट लाइट के प्राइवेट ठेका को लेकर नगर पालिक निगम के सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें एलइडी क्लस्टर प्रोजेक्ट में समिमलित छिंदवाड़ा एवं नरसिंहपुर जिले के सभी निकायों के सीएमओ/इंजीनियर तथा प्रोजेक्ट मैनेजर अनिंदिता नीव इनर्जी एलएलपी ओखला एवं नगर पालिक निगम आयुक्त हिमांशु सिंह, कार्यपालन यंत्री ईश्वर सिंह चंदेली, विद्युत प्रभारी दिवाकर चेडग़े, एवं लियाकत खान शामिल हुए। बताया गया कि प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य निकायों पर विद्युत उर्जा बचत करना एवं स्ट्रीट लाइट का वित्तीय भार कम करना है। इसका सर्वे उपरांत जीआईएस मैपिंग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, सुधार/निर्माण कार्य शीघ्र ही नए एलईडी स्ट्रीट लाइट एक वर्ष के भीतर लगाने के पश्चात् इसका पूरा मेंटेनेंस नीव इनर्जी एलएलपी ओखला दिल्ली द्वारा सात वर्षों तक किया जाएगा।

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