इच्छाओं को वश में नहीं किया तो उठानी होगी यह परेशानी

प्रियदर्शिनी कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा

By: Rajendra Sharma

Published: 29 Mar 2019, 08:04 AM IST

छिंदवाड़ा. अपनी इच्छाओं पर काबू पाना बहुत जरूरी है वरना दुख उठाना पड़ेगा। मुनष्य यदि अपनी इंद्रियों को वश में नहीं करता है तो अंत में उसे कई प्रकार के भोग वेदना को भोगना पड़ सकता है। छह फीट ऊंचा व्यक्ति आज दो इंच की सिगरेट, बीड़ी का गुलाम हो चुका है। यदि वह इन बुराईयों से छुटकारा पाना चाहता है तो उसे ईश्वरीय सत्संग आत्मज्ञान की प्राप्ति की ओर अग्रसर हो जाना चाहिए।
प्रियदर्शिनी कॉलोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में गीता दीदी ने यह बात कही। शुद्धिकरण पर विस्तार से चर्चा करते हुए यज्ञ का अध्यात्मिक रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञ में तिल, जौ, घी का उपयोग किया जाता है। तिल अर्थात मन का प्रतीक है, जौ शरीर का और घी धन का प्रतीक है। तन, मन और धन में पवित्रता होनी चाहिए यदि यह अपवित्र रास्तों से आता है तो उसका त्याग कर देना चाहिए।

पांच कुंडीय महायज्ञ के साथ चल रही कथा

तिवड़ा कामथ स्थित खेड़ापति माता मंदिर परिसर में जन सहयोग से सात दिवसीय पांच कुंडीय शतचंडी महायज्ञ के साथ श्रीमद् भागवत महापुराण और श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। यहां बुधवार को विधि-विधान से इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई। आयोजन समिति से जुड़े संत कुमार डेहरिया ने बताया कि यहां गुरैया छिंदवाड़ा के चंद्रकुमार महाराज कथा सुना रहे हैं। चार अप्रैल को हवन-पूजन के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन किया जाएगा।

Rajendra Sharma Desk
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