टीबी उन्मुलन कार्य की सुस्त चाल...विभाग ने लिया सख्त निर्णय, जानें वजह

- शासन ने कार्य में गंभीरता दिखाने के दिए निर्देश

By: Dinesh Sahu

Published: 21 Nov 2020, 11:40 AM IST

छिंदवाड़ा/ राष्ट्रीय क्षय उन्मुलन कार्यक्रम में जिलास्तर पर प्रगति नहीं मिल रही है, जिसके चलते टीबी मरीजों के उपचार प्रबंधन और चिन्हाकन पिछड़ रहा है। इसके चलते मप्र स्वास्थ्य संचालनालय ने विभाग को कार्यक्रम में प्रगति लाने के निर्देश दिए है। साथ ही जिला क्षय अधिकारी एवं सभी टीबी कर्मचारियों की ड्यूटी केवल राष्ट्रीय क्षय उन्मुलन कार्यक्रम में ही लगाए जाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए है।

बताया जाता है कि पूर्व में भी शासन स्तर से निर्देशित किया गया था कि क्षय उन्मुलन के अतिरिक्त विभागीय कर्मचारियों की ड्यूटी अन्यत्र नहीं लगाई जाए, जिसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इस वजह से राष्ट्रीय क्षय उन्मुलन कार्यक्रम की उपलब्धियां कम होने लगी है तथा टीबी मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सुविधाएं विलम्ब से उपलब्ध हो पा रही है। इतना ही नहीं राज्य की उपलब्धियों में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है तथा किसी मरीज की मौत टीबी के कारण नहीं हुई है।


माह अक्टूबर में मिले 133 प्रकरण -


स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में माह अक्टूबर 2020 में 133 टीबी के नए प्रकरण सामने आए, जिनमें सबसे अधिक केस छिंदवाड़ा के थे। विभाग द्वारा दावा किया गया है कि उक्त माह में मिले सभी मरीजों का शतप्रतिशत उपचार किया गया है।


यह है जिले की स्थिति -


ब्लाक लक्ष्य कुल केस कुल उपचारित


अमरवाड़ा 251 172 09
बिछुआ 133 65 05
छिंदवाड़ा 492 301 23
चौरई 275 134 04
हर्रई 188 122 11
जुन्नारदेव 354 284 19
मोहखेड़ 246 100 06
पांढुर्ना 273 169 08
परासिया 414 272 18
सौंसर 275 153 15
तामिया 176 101 05
स्रोत - आंकड़े विभागीय रिपोर्ट के अनुसार

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