Black Fungus: स्टेरॉयड लेने वालों को ब्लैक फंगस से ज्यादा खतरा- डीन

कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में ब्लैक फंगस को लेकर डॉ. रामटेके ने दी जानकारी

By: prabha shankar

Published: 20 May 2021, 11:23 AM IST

छिंदवाड़ा। कोरोना एक वायरस जनित जानलेवा बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है । जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, उन्हें कोरोना होने का खतरा ज्यादा होता है, जबकि बहुत ज्यादा कमजोर इम्युनिटी वालों को ब्लैक फंगस होने का खतरा होता है। जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके है, उन्हें ब्लैक फंगस का खतरा ज्यादा है तथा यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। यह जानकारी छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स ) के डीन डॉ.गिरीश बी.रामटेके ने क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो छिन्दवाड़ा द्वारा ‘कोरोना वायरस व टीकाकरण’ विषय पर सम्पन्न वेबिनार में दी।
सिम्स के डीन डॉ.रामटेके ने कहा कि जो लोग बिना किसी चिकित्सक से सलाह लिए दवा का सेवन करते हैं, उनके स्वास्थ्य पर दवाओं का साइड इफेक्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना के इलाज में उपयोग की जाने वाली स्टेरॉयड लेने वालों को ब्लैक फंगस से ज्यादा खतरा है। वर्तमान में कोरोना के नए स्वरूप के कारण यह बहुत तेजी से शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी टीका ही एकमात्र उपाय है जिसके जरिए कोरोना को हराया जा सकता है।
उन्होंने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े सहभागियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का निराकरण भी किया। उन्होंने प्रश्नों के उत्तर देते हुए बताया कि कोरोना वायरस पहले की तुलना में अब ज्यादा समय तक हवा में रह सकता है, इसलिए घर पर भी मास्क लगाना आवश्यक है। उन्होंने एन95 या फिर डबल मास्क का उपयोग करने की बात कही। वेबिनार का संचालन क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो छिंदवाड़ा के प्रभारी रामसहाय प्रजापति ने किया।

कोरोना की तीसरी लहर का करना होगा सामना
कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने कहा कि जिले ने कोरोना की दूसरी लहर का सामना पूरी क्षमता के साथ किया है और अब जिले में स्थितियां नियंत्रण में आ गई हैं लेकिन हमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतनी है। कोरोना की तीसरी लहर भी सम्भावित है। इससे निपटने के लिए अभी से पूर्व तैयारी प्रारंभ करनी होगी। अधिकारियों से कहा कि बच्चों के लिए कोविड आइसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू, एचडीयू वार्ड तैयार करने के संबंध में उपलब्ध स्थानों और संसाधनों का मौका स्थल पर भ्रमण कर आकलन कर लें। उन्होंने महिला एवं बाल विकास के अमलेे को भी इस कार्य में सक्रिय रूप से शामिल रहने के निर्देश दिए।

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