बाघ शिकार मामले में हडक़म्प : सीबीआई से कराई जाएगी जांच

Rajendra Sharma

Publish: Sep, 17 2017 12:14:46 (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
बाघ शिकार मामले में हडक़म्प : सीबीआई से कराई जाएगी जांच

मामले में एक आरोपी की कस्टडी से फरार होने के बाद मौत

छिंदवाड़ा/नागपुर. मप्र और महाराष्ट्र की सीमा क्षेत्र में आने वाले राष्ट्रीय इंदिरा गांधी पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार मामले ने तूल पकड़ लिया है। वनाधिकारियों पर ही एफआईआर दर्ज कराने की घटना को लेकर वन विभाग महाराष्ट्र के सचिव विकास खारगे नाराजी जाहिर की। मामले की  जांच कर रहे वनाधिकारियों पर राजनीतिक दबाव के अंतर्गत देवलापार पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अधिकारियों के समर्थन में फॉरेस्ट ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से खारगे को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन लेते हुए खारगे ने एसोसिएशन पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि इस मामले में किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव में आकर काम नहीं किया जाएगा। मामले की जांच की कमान भी जल्द सीबीआई को सौंपे जाने का विश्वास भी इस दौरान उन्होंने दिलाया। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच कराई जाएगी।
शुक्रवार को अमरावती में वरिष्ठ वनाधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जहां एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पेंच टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार मामले में पकड़े गए आरोपियों और उनसे की जा रही पूछताछ के क्रम को दबाए जाने का विरोध किया। खारगे ने कहा कि ना केवल राजनीतिक दबाव को सहन किया जाएगा बल्कि मामले की जांच के दौरान जिला परिषद सदस्य शांता कुमरे के हस्तक्षेप की शिकायत को नदर अंदाज किए जाने पर देवलापार पुलिस को भी जवाब देना पड़ेगा। फॉरेस्ट ऑफिसर्स एसोसिएशन नागपुर की ओर से निवेदन खुद विभाग के प्रधान मुख्य वनसंरक्षक भगवान ने दिया।
बता दें कि पेंच टाइगर रिजर्व के तोतलाडोह डैम में अवैध मछलियों का शिकार करने वालों की बाघ के शिकार मामले में गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद इस जांच को दबाने के लिए लगातार क्षेत्र में दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में एक आरोपी की कस्टडी से फरार होने के बाद मौत और एक अन्य आरोपी के घायल होने की घटनाओं के मामलों को उठाकर जांच अधिकारियों को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिस प्रवृत्ति का विरोध वन विभाग की ओर से किया जा रहा है।

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