Stock Limit: थोड़ी राहत, लेकिन नहीं है दालों पर इसकी जरूरत

केंद्र द्वारा स्टॉक लिमिट बढ़ाने पर व्यापारियों ने दी प्रतिक्रिया, बढ़ाना चाहिए उपज का उत्पादन

By: prabha shankar

Updated: 22 Jul 2021, 11:06 AM IST

छिंदवाड़ा। दालों की दरों को स्थिर रखने के लिए 31 अक्टूबर तक के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए स्टॉक लिमिट के विरोध में सकल गल्ला दलहन तिलहन व्यापारी संघ एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया टे्रडर्स की मेहनत रंग लाई और सरकार को दालों की स्टॉक लिमिट बढ़ाकर 200 टन की जगह 500 टन करनी पड़ी। हालांकि छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ के व्यापारियों ने इसे आंशिक राहत बताया।
उन्होंने कहा कि स्टॉक लिमिट से व्यापार एवं किसान दोनों ही प्रभावित होंगे।
स्टॉक लिमिट लगाने के बाद से ही व्यापारियों ने स्टॉक से अधिक दलहन जिंस बेचना शुुरू कर दिया जिससे दाम गिर गए, और सरकार द्वारा लिमिट बढ़ाए जाने के बाद दो-चार सौ रुपए दलहनों में सुधार हुआ। इससे रिटेल में तो कोई खास अंतर नहीं पड़ा, अंतर थोक में ही पड़ा। इससे किसान ज्यादा प्रभावित हुए।

कैट ने विरोध किया और नतीजा स्टॉक लिमिट बढ़ाए जाने के रूप में निकला। हालांकि कैट की कुछ और भी मांगें थीं। इसमें स्टॉक लिमिट बढ़ाकर केंद्र सरकार ने राहत देने का प्रयास किया। वैसे दालों की दरें सामान्य हैं इनमें स्टॉक लिमिट की जरूरत नहीं थी।
आशुतोष डागा, जिलाध्यक्ष कैट

स्टॉक लिमिट बढ़ाने से कुछ खास फ ायदा नहीं हुआ। थोक व्यापारियों के लिए दो हजार क्विंटल की जगह पंाच हजार क्विंटल तक स्टॉक रखने एवं मिलर्स को दस हजार क्विंटल तक रखने की अनुमति देने से थोड़ी राहत तो है पर स्टॉक लिमिट व्यापार की सेहत के लिए ठीक नहीं।
सोनू साहू , अनाज व्यापारी

छूट मिलना अच्छी बात है। दो हजार क्विंटल थोक कारोबार के लिए कुछ खास मायने नहीं रखता। लिमिट पांच हजार क्विंटल तक बढ़ाने से कुछ राहत तो मिली है लेकिन स्टॉक लिमिट या तो नहीं होनी चाहिए, या फिर कुछ और अधिक होनी चाहिए ताकि व्यापारी खुले मन से काम कर सकें।
अर्पण जैन, अनाज व्यापारी

कृषि बिल जब आया था तब अध्यादेश में एक बिंदु यह भी रहा कि जब तक महंगाई दर डेढ़ गुना नहीं बढ़ जाएगी तब तक स्टॉक लिमिट नहीं लगाई जाएगी। स्टॉक लिमिट बढ़ाए जाने से एक्सपोट्र्स व बड़ी कम्पनियों को ज्यादा राहत मिली है, लेकिन थोक व्यापारियों के लिए 500 टन एवं रिटेल पांच टन की रिटेल में लिमिट अभी भी कम है।
प्रतीक शुक्ला, अध्यक्ष छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ

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