कलशयात्रा के साथ कथा शुरू

पुरुषों ने बाजे-गाजे के साथ कलश यात्रा निकाली।

By: arun garhewal

Published: 29 Mar 2019, 05:40 PM IST

छिंदवाड़ा. जुन्नारदेव. गुरुवार को श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आरंभ नगर के वार्ड क्र. 03 में हुआ। सुबह 08.00 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर एकत्रित हुए। श्री जागृति महिला मंडल के तत्वावधान में श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन कथा पंडाल से कलश यात्रा निकाली गई।
बैण्ड बाजे के साथ शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चे, युवती व महिलाओं ने हिस्सा लिया। दोपहर के समय कलश के साथ महिला पुरुषों ने बाजे-गाजे के साथ कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में सबसे आगे श्रीमद भागवत को सर पर उठाये प्रमुख यजमान ओर उनके पीछे समिति के सभी सदस्य, नगर के वरिष्ठ नागरिक और युवक चल रहे थे। कलश यात्रा में पीले वस्त्र धारण की हुई कन्याएं व महिलाएं सिर पर कलश धारण किए हुए मंगलगीत गाते हुए चल रही थीं। पं. सुशील मिश्रा के व्यास पीठ पर आसन होने के पश्चात् माल्यापर्ण कर, उपरणा (शाल) ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
कलश यात्रा नगर के ही विभिन्न मार्गो से निकाली गयी कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण गुंजायमान हो गया।
राधे-राधे के उद्घोष से माहौल भक्ति के रस में डूब गया। इसके बाद मंत्रोच्चारण के बीच पुरोहितों द्वारा कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। आचार्य ने विधिविधान पूर्वक पूजन संपन्न कराया, श्री जाग्रति महिला मंडल ने सभी भक्तों को अधिक संख्या में उपस्थिति होने हेतु आहवान किया। पं. सुशील मिश्रा के व्यास पीठ पर आसन होने के पश्चात् माल्यापर्ण कर, उपरणा (शाल) ओढ़ाकर स्वागत किया गया । माहात्म्य पर बोलते हुए भगवातचार्य पंडित सुशील महाराज ने कहा कि बिनु परतीती होई नहीं प्रीति अर्थात माहात्म्य ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता, अस्थायी हो जाता है। धुंधकारी चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मसात कर लेें तो जीवन से सारी उलझने समाप्त हो जाएगी। द्रौपदी, कुन्ती महाभागवत नारी है। महाराज जी ने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं।

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