सीएम के गृह जिले में इतने बड़े घोटाले, जानें किसकी है शय

स्वास्थ्य विभाग का कारनामा: दायरे का उल्लंघन कर लगाया चूना, 72 लाख की दवा खरीदी में गोलमाल

By: Dinesh Sahu

Published: 03 Mar 2019, 05:13 PM IST

दिनेश साहू छिंदवाड़ा. मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य विभाग में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं। इस बार मामला जिला अस्पताल में दवा खरीदी का है। वर्ष 2018-19 के प्रथम तिमाही में जिला अस्पताल की औषधि मद के अंतर्गत 71 लाख 85 हजार 387 रुपए की दवा स्थानीय क्रय नीति के आधार पर खरीदी की गई। इसका भुगतान चेक के माध्यम से सम्बंधित दवा आपूर्तिकर्ता को कर दिया गया, जबकि बड़ी राशि का भुगतान शासन की इ-वित्त प्रवाह से करना होता है। अधिकारियों का कारनामा यहीं खत्म नहीं हुआ।

 

वित्तीय वर्ष 2018-19 में औषधि मद के अंतर्गत कोई भी बजट जिला अस्पताल की एफएमआइएस पोर्टल पर स्वीकृत ही नहीं किया गया, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत समस्त वित्तीय व्यवहार पीएफएमएस के माध्यम से किए जाने के निर्देश दिए गए थे। दरअसल, सिविल सर्जन या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को स्थानीय स्तर पर 20 फीसदी तक दवा खरीदी का अधिकार है, लेकिन उक्त खरीदी शासन के निर्देशों को ताक पर रखकर 50 फीसदी तक की गई। वहीं भुगतान चेक के माध्यम से कर दिया गया, जो कि वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।


हड़ताल का फायदा उठाकर बाबू ने दिखाया कारनामा


जिला अस्पताल में स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी खरीदी करने का उद्देश्य बड़ी कमीशनबाजी हो सकता है। मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारी-कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का पूरा फायदा प्रभार सम्भाल रहे बाबू ने उठाया तथा मनमानी दवाइयां खरीदी। बताया जाता है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 18 फरवरी 2018 से 42 दिन की हड़ताल पर थे। इस बीच वित्तीय प्रभार सम्भालने वाले बाबू ने शासन को जमकर चूना लगाया।


पहले भी लग चुके हैं आरोप


जिला अस्पताल के तत्कालीन सिविल सर्जन पर वर्ष 2018-19 में साफ-सफाई मामले में भी शासन को करीब 12 लाख रुपए की गड़बड़ी का आरोप हैं। इसमें वित्तीय वर्ष 2018-19 में सफाई मद अंतर्गत शासन से स्वीकृत 6188679 रुपए खर्च करने का प्रावधान था, लेकिन मनमानी के चलते 7386205 खर्च कर दिए गए। इसमें शासन को 11,97,526 रुपए अधिभार आने तथा वित्तीय अनियमितता के चलते नोटिस भी जारी किया गया था।


जिला अस्पताल में लोकल स्तर पर खरीदी गई दवा की फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है, इसका परीक्षण करने के बाद ही कुछ स्पष्ट बता पाउंगा।


डॉ. जेएस गोगिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

 

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