शक और शराब बन रहे विवाद का कारण

परासिया परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई

By: sunil lakhera

Published: 03 Mar 2019, 05:17 PM IST

छिंदवाड़ा. परासिया परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई के दौरान दो प्रकरणों में दंपतियों के बीच आपसी समझौता हुआ। एक मामले में पत्नी ने शिकायत में बताया कि उसके विवाह के 15 वर्ष बीत गए हैं अब पति उसके चरित्र पर शक करता है और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता है।
काउंसलरओ ने पति को समझाइश दी तो सामान्य दांपत्य जीवन व्यतीत करने पर सहमति व्यक्त करते हुए समझौता हुआ। दूसरे मामले में एक दंपत्ति के बीच शराब को लेकर आए दिन झगड़ा होता है। पत्नी ने पति पर शराब पीने व मारपीट के आरोप लगाए। दोनों पक्षों को सोच विचार करने के लिए समय दिया गया था। शनिवार को पत्नी ने केंद्र में आकर बताया कि उसके पति ने अपने व्यवहार में बदलाव कर लिया है इसलिए वह अपनी शिकायत वापस लेती है। पत्नी ने बताया कि उसकी सास के सहयोग से घर चलता है, पति वाहन चालक है और नशे का आदि है। काउंसलर की समझाइश पर पति अगली सुनवाई में पत्नी के गिरवी रखे जेवर वापस देने का वचन दिया। अन्य 3 प्रकरणों में अगली तिथि दी गई। काउंसलर केशव पांडे, अधिवक्ता मीना तिवारी, सुशीला झाडे, चित्रा विश्वकर्मा एवं डेस्क प्रभारी उपस्थित रही।
जुन्नारदेव ञ्च पत्रिका. इन दिनों एकल परिवारों के चलन के कारण संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का पालन करते हुये एक दांपत्य जीवन को बचया। महिला सशक्तिकरण अधिकारी सीमा पटेल ने बताया कि एक परिवार में युवती ने विवाह परिवार वालों की पसंद से किया गया था। विवाह के डेढ़ माह बाद ही पति मारपीट करने लगा और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
मामले में 01 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद न्यायालय में मामले का पटापेक्ष नहीं होने के बाद न्यायालय के बाहर इस पूरे मामले को सशक्तिकरण विभाग की देख रेख में सुलझाया गया। महिला सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा समय-समय पर काउंसलिंग कर एक परिवार को बिखरने से बचाया गया। दोनो पक्ष की सहमति व विभाग की कुशल नेतृत्व क्षमता के कारण पति पत्नि एक साथ सहमत होकर एक साथ रहने को तैयार हो गये।

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