सर्पदंश पर तुरंत ये करें उपाय,जरा सी लापरवाही ले सकती है जान

जिले भर में अचानक बढ़ गए सर्पदंश के मामले,झाड़-फूंक नहीं,तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह

By: manohar soni

Published: 11 Jun 2021, 12:12 PM IST

छिंदवाड़ा. प्री-मानसून की बारिश होते ही सर्प दिखने लगे हैं और उनके दंश के मामले भी बढ़ गए हैं। इस स्थिति को देखते सर्प के जानकारों ने आम जनमानस को हर समय सतर्क रहने और घटना होने पर तुरंत चिकित्सकीय उपाय करने की सलाह दी है।
शहर के सर्प विशेषज्ञ हेमन्त गोदरे की माने तो वर्षा से बिलों में पानी भर जाने के कारण सर्प सूखे स्थान की तलाश में निकल पड़ते हैं। ये तलाश मकानों में समाप्त होती है, जहां जाने-अनजाने इनसे आमना-सामना होता है। गोदरे ने बताया कि सर्प कभी भी किसी को बेवजह नहीं काटते। अचानक इन पर हाथ लगने या हलचल होने पर ये आक्रामक हो जाते हैं। सभी सर्प जहरीले नहीं होते। कुछ सर्प हैं जिनके काटे जाने पर आदमी की मृत्यु होती है। संयम और शांत व्यवहार रखा जाए तो इसे भी टाला जा सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सिर्फ चार सांपों कोबरा, करैत,रसल्स वाइपर और शॉ स्केल्ड वाइपर में ही विष होता है। जिसमें सबसे घातक जहर कोबरा सर्प का होता है, जिसमें समय पर इलाज न मिलने से तीन घण्टे में मृत्यु होती हैं।
छिंदवाड़ा जिले में ये चार सर्प प्रजातियां बड़ी संख्या में मौजूद है। इनमें कोबरा सबसे ज्यादा है। घर, कुआं और खेत में सर्प दिखाई देने पर सर्प विशेषज्ञ को तुरंत काल कर बुला लेना चाहिए।
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सर्प काट ले तो क्या बचाव करें
1.किसी भी प्रकार का सांप काट ले तो घबराएं नहीं, शांत रहे।
2.पीडि़त के शरीर पर कोई भी कसाव वाली वस्तु न रहने दें(बेल्ट,जूते की लेस)न बंधे रहने दे,इससे रक्तचाप बढ़ता है।
3.काटे गए स्थान को हिलाए डुलाए नहीं।
4. पीडि़त को जितनी जल्दी हो सके, पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं व डॉक्टरी उपचार करवाएं, व एंटी वेनम लगवाएं।
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सर्पदंश के दौरान क्या न करें
1.ओझा या तांत्रिक के पास जाकर झाड़ फूंक में समय न गवाएं।
2.काटे गए स्थान पर ब्लेड व धारीदार वस्तु से न काटे।
3.पीडि़त को ज्यादा चलने न दें,व उसे किसी वाहन व व्हीलचेयर या स्ट्रेचर की सहायता से स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
4.कोबरा या करैत सांप के काटने पर पीडि़त को सोने न दें। सोने पर रक्त का प्रवाह तेजी से बढ़ता है।
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सर्पदंश से कैसे बचा जाए
1.घरों के आस-पास साफ-सफाई रखें,कोई कबाड़ न होने दें।
2.घरों में चूहे के बिलों को बंद करके रखें।
3.पानी निकासी के मार्गो पर बारीक जाली लगाए।
4.खेतों व अधिक घास वाली जगह पर नंगे पैर न चलें।
5.किसी अंधेरी जगह में जाते समय टार्च या लालटेन का प्रयोग करें।
6.घरों में यदि नीचे सो रहे है तो बीच मे सोएं या पलंग या मच्छरदानी का प्रयोग करें।
7.घरों के दरवाजों व खिड़कियों की दरारों को किसी कपड़े की सहायता से बंद करके रखें।
8.घरों में किसी बेला या पेड़ से लटकी हुई डाल को न रहने दे।
9.अनजानी जगह व बिल में हाथ न डालें।
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manohar soni Reporting
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