लक्ष्य प्राप्त किया तो प्रोत्साहित होंगे शिक्षक...नहीं तो होगी कार्रवाई, जानें वजह

- 25 जनवरी तक प्राचार्यों को वार्षिक परीक्षा रिजल्ट का लक्ष्य करना है तय, परीक्षा परिणाम की गुणवत्ता में सुधारने के है प्रयास

By: Dinesh Sahu

Published: 27 Jan 2021, 10:54 AM IST

छिंदवाड़ा/ शिक्षा की गुणवत्ता और वार्षिक परीक्षा के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए लोक शिक्षण विभाग ने शिक्षकों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है, जिसे हासिल करने पर सम्बंधित शिक्षकों प्रोत्साहित किया जाएगा तथा संतोषजनक रिजल्ट नहीं देने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए समस्त प्राचार्यों को 25 जनवरी 2021 तक लक्ष्य तय कर विभाग को जानकारी उपलब्ध कराना होगा।

जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद चौरगड़े ने बताया कि सत्र 2020-21 में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार एवं परीक्षा में परिणाम में वृद्धि के लिए शिक्षा विभाग की प्रत्येक इकाई की भूमिका एवं जिम्मेदारी निर्धारित कर मॉनिटरिंग की जाएगी। डीइओ चौरगड़े ने बताया कि तय लक्ष्य के अनुरूप जितना कम परिणाम आएगा, जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ क्रमश: एक वेतनवृद्धि, दो वेतनवृद्धि रोकने समेत विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।


ऐसे तय होगी दंड की कार्रवाई -


1. वार्षिक परीक्षा परिणाम में 10 प्रतिशत की कमी होने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।


2. तय लक्ष्य से 11 से 20 प्रतिशत की कमी होने पर एक वेतनवृद्धि रोकी जाएगी।


3. तय लक्ष्य से 21 से 40 फीसदी की कमी होने पर दो वेतनवृद्धि रोकी जाएगी।


4. वार्षिक परीक्षा परिणाम में 40 फीसदी से ज्यादा की कमी होने पर विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

चार श्रेणियों में विद्यार्थियों की संख्या का आकलन ऐसे होगा -


1. श्रेणी-1 (ए-प्लस) 80 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।


2. श्रेणी-2 (ए) 60 से 79 प्रतिशत तक अंक का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।


3. श्रेणी-3 (बी) 45 से 59 प्रतिशत तक अंक का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।


4. श्रेणी-4 (सी) 33 से 44 प्रतिशत तक अंक का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।

उत्कृष्ट एवं मॉडल स्कूलों के संदर्भ में ऐसे होगा आकलन -


1. श्रेणी-1 (ए-प्लस) 90 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।


2. श्रेणी-2 (ए) 80 से 89 प्रतिशत तक अंक का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।


3. श्रेणी-3 (बी) 70 से 79 प्रतिशत तक अंक का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।


4. श्रेणी-4 (सी) 60 से 69 प्रतिशत तक अंक का लक्ष्य निर्धारित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या।

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