Agricultural branch: गबन के दलदल में फंसी है जिले की कृषि शाखा, क्या है मामला पढ़ें यह खबर

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की कृषि शाखा में हुए गबन की परतें लगातार खुलती जा रही है।

By: babanrao pathe

Published: 27 Jun 2021, 11:36 AM IST

छिंदवाड़ा. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की कृषि शाखा में हुए गबन की परतें लगातार खुलती जा रही है। शनिवार को सहकारिता के जांच दल ने अपने अधिकृत अधिवक्ता के साथ धरमटेकड़ी स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल को जांच रिपोर्ट सौंपी। तीसरी जांच रिपोर्ट में चार करोड़ पंद्रह लाख अठत्तर हजार दो सौ पचास रुपए के गबन से जुड़े दस्तावेज सौंपे गए हैं। आरोपियों की संख्या बढ़कर सौ हो चुकी है। वहीं कुल गबन की राशि करीब 7 करोड़ रुपए के आस-पास पहुंच चुकी। फिलहाल जांच जारी है।

गबन के दस्तावेज लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची टीम ने एसपी विवेक अग्रवाल से कहा कि इस मामले में दो जांच रिपोर्ट पूर्व में सौंपी जा चुकी है। तीसरी जांच रिपोर्ट सौंपते हुए 100 लोगों को आरोपी बनाने और इस मामले में अलग से अपराध पंजीबद्ध करने का निवेदन किया। उन्होंने बताया कि 1 से 10 तक बनाए गए आरोपी तात्कालीन बैंक के अधिकारी है या कर्मचारी है। शेष 90 बैंक के खाताधारक है जिनके खातों से अनाधिकृत रूप से लेनदेन हुआ है। एसपी अग्रवाल ने दस्तावेज सौंपने पहुंचे सदस्यों को आश्वास्त किया कि प्रकरण में नियामानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा संभव हुआ तो अलग से अपराध कायम किया जा सकता है। इसके पूर्व में इसी मामले में एक अपराध पंजीबद्ध किया जा चुका है जिसमें लगभग 2 करोड़ रुपए का गबन सामने आया था, इसके अधिकांश आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहां से उनका जेल वारंट काट दिया गया है। शनिवार को सौंपे गए 4 करोड़ 15 लाख 78 हजार 250 रुपए का गबन साल 2014 से 2020 के बीच में होना बताया जा रहा है। आरोपियों ने निष्क्रिय खातों को सक्रिय किया और फिर नेफ्ट के जरिए समितियों और किसानों को लोन देने के लिए सक्रिय किए गए खातों में राशि जमा की। बाद में उन राशियों को खाताधारकों ने निकालकर बांटा, जिसके चलते खाताधारकों को भी आरोपी बनाया गया है। पूरी हेराफेरी नेफ्ट के माध्यम से करना सामने आया है। पूरा गबन 6 साल के भीतर किया गया, लेकिन किसी अधिकारी को भनक भी नहीं लगी। इससे यह भी साफ होता है कि पूरे मामले में अधिकारियों की मिलीभगत भी थी।

जनवरी में सौंपी थी पहली जांच रिपोर्ट
कृषि शाखा में हुए गबन की पहली जांच रिपोर्ट 28 जनवरी 2021 को सौंपी गई थी। बैंक में संविदा पद पर पदस्थ चंदनगांव वर्धमान सिटी निवासी कृष्ण कुमार साहू, संदीप सूर्यवंशी, फूलसिंह चौरे सहित अन्य पर एटीएम के माध्यम से साल 2020 में ही ऑपरेटर और उसके साथियों ने 1 करोड़ 44 लाख 13 हजार 72 रुपए का घोटाला किया था। दूसरी जांच रिपोर्ट फरवरी में सौंपी गई जिसमें 49 लाख रुपए नेफ्ट करना सामने आया था। दोनों जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने बैंकर्मी सहित खाताधारकों को मिलाकर 10 आरोपी बनाए गए थे। कोतवाली टीआइ मनीषराज सिंह भदौरिया ने बताया कि इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अधिकांश आरोपी जमानत के लिए जबलपुर उच्च न्यायालय में अर्जी लगा चुके हैं, जो खारिज कर दी गई है।

स्पेशल ऑडिट चल रहा
बहुत बड़ी राशियों का नेफ्ट के जरिए हेरफेर किया गया है। रुपए पाने वाले और भेजने वाले दोनों ही बराबर दंडात्मक कार्रवाई के पात्र है। 100 व्यक्ति विशेष के खिलाफ कार्रवाई करने पुलिस अधीक्षक महोदय को निवेदन किया गया है। स्पेशल ऑडिट भी चल रहा है।
-पीयूष शर्मा, अधिकृत अधिवक्ता, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, छिंदवाड़ा

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