केश शिल्पियों ने भी सरकार से मांगी आर्थिक मदद

केश शिल्पियों को भी आर्थिक मदद देने की मांग की है


छिंदवाड़ा. भारतीय युवा सेन समाज ने प्रदेश सरकार से केश शिल्पियों को भी आर्थिक मदद देने की मांग की है। ध्यान रहे कोरोना के संकट के चलते प्रदेश में कटिंग सैलून भी पूरी तरह से बंद है। केश शिल्पियों का पूरा काम बंद पड़ा है।
लॉकडाउन से इनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। भारतीय सेन समाज और सैलून एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि जिस तरह सरकार विशेष वर्गों के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर रही है उसमें सेन समाज के केश शिल्पियों को भी आर्थिक मदद दी जाए। सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश बंदेवार ने कहा कि आज देश व प्रदेश में कोरोना वायरस की महामारी के चलते प्रदेश के केश शिल्पी बंधुओं के ऊपर सबसे बड़ा आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है वे अपने परिवार का पोषण कैसे करें? इसकी समस्या आ गई है। केश शिल्पियों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि वे अपने परिवार के लिए हफ्तेभर का सामान इक_ा कर सकें। कुछ सामाजिक बंधु तो इस कार्य के लिए शहर आते हैं।
लॉकडाउन की स्थिति में पूरे काम बंद हैं ऐसे में वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। जिला युवा अध्यक्ष हेंमत बंदेवार व सैलून एशोसिएशन अध्यक्ष बंटी श्रीवास ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि आप केश शिल्पी बंधुओं के परिवार के इस दर्द को पहले से भलीभांति जानते हैं। केश शिल्पी बंधुओं को आर्थिक रूप से मदद कर उनके खाते में भी कम से कम पांच हजार रुपए जारी करने का आग्रह उन्होंने किया है।

जिले में पांच हजार से ज्यादा केश शिल्पी

ध्यान रहे जिले में पांच हजार से ज्यादा केश शिल्पी हैं। शहर में ही 480 केशशिल्पी पंजीकृत हैं। इसके अलावा जिले के दूसरे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस कार्य में संलग्न इन परिवारों की संख्या पांच हजार से ज्यादा है। लॉकडाउन की स्थिति में इस समाज के परिवार बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। ज्यादातर परिवारों अपने इस पैतृक कार्य को ही संभाले हुए हैं। दूसरा अन्य कोई व्यवसाय न होने की वजह से इन्हें और ज्यादा परेशानी हो रही है।

chandrashekhar sakarwar Photographer
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