लापरवाही की हद: सडक़ पर टायरों के किलर,ध्यान नहीं दे रहा निगम

चंदनगांव से लेकर फव्वारा चौक तक 14 स्पीड ब्रेकर टूटे,हर माह गुजरते हैं वीवीआईपी,लापरवाह बने जिम्मेदार अधिकारी

छिंदवाड़ा/शहर के लोग बीते डेढ़ वर्ष से सडक़ों पर टूटे स्पीड ब्रेकर का दंश झेल रहे हैं। दो वर्ष पूर्व नगरनिगम द्वारा शहर में मुख्य सडक़ों से लेकर गली-मोहल्ले की सडक़ों तक में स्पीड ब्रेकर लगवाए गए थे, लेकिन छह माह बाद ही यह टूटने लगे। उस समय भी प्रशासन और नगर निगम का ध्यान दिलाया गया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस दर्द पर मरहम लगाना उचित नहीं समझा।
जानकारी के अनुसार चंदनगांव से लेकर इएलसी चौक तक ही करीब 14 स्पीड ब्रेकर टूटे हुए हैं। लगातार ध्यान दिलाए जाने के बाद भी इन स्पीड ब्रेकर को सुधारा या बदला नहीं गया है। इससे न केवल वाहन चालक त्रस्त हैं बल्कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं।
शहर में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रशासन और नगर निगम कब जागेगा? किसी बड़े हादसे के होने के बाद नींद खुलेगी।
नगर निगम में यह प्रावधान है कि स्पीड ब्रेकर कहीं टूटे पड़े हैं तो उन्हें सुधरवाया जाए या फिर उन्हें बदलकर नए लगाएं जाएं। जिस एजेंसी ने इन ब्रेकरों को लगाया, उनके कर्ताधर्ता लाखों रुपए का बिल निकालकर चलते बने।
दोबारा उन्होंने कभी भी स्पीड ब्रेकरों की मरम्मत या सुधार नहीं किया। इस सडक़ के जैसे पूरे शहर के अंदरूनी और मुख्य मार्गों के हाल हैं। जगह-जगह ब्रेकर टूटे नजर आ रहे हैं।

जहां भी लगाए स्पीड ब्रेकर, निकल आई कील
इस मुख्य सडक़ के अलावा नगर निगम द्वारा सिवनी रोड, लालबाग, सागरपेशा, रेलवे स्टेशन, नरसिंहपुर रोड समेत जितने बाहरी और अंदरूनी मार्गों पर स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं, वे या तो टूट गए हैं या फिर उनके नुकीले कील कभी भी किसी भी वाहन को पंचर कर देते हैं। इसके साथ स्पीड ब्रेकर 50 या 100 मीटर की दूरी पर ऐसे लगाए गए कि वाहन को भी नुकसान उठाना पड़ता है। इस स्पीड ब्रेकर को लगाने में अनियमितता के आरोप भी लगते रहे हैं।
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स्पीड ब्रेकर के ये नियम
1. भारतीय सडक़ कांग्रेस यानी आईआरसी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक एक आदर्श स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई 10 सेंटीमीटर, लम्बाई 3.5 मीटर और वृत्ताकार क्षेत्र यानी कर्वेचर रेडियस 17 मीटर होना चाहिए।
2.ड्राइवर को सचेत करने के लिए स्पीड ब्रेकर आने से 40 मीटर पहले एक चेतावनी बोर्ड लगा होना चाहिए।
3. स्पीड ब्रेकर का मकसद गाडिय़ों की रफ्तार को 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक रखना है ताकि सडक़ हादसों के खतरे कम कि ए जा सकें।

कारगर नहीं है ये स्पीड ब्रेकर
नगर निगम के इस कार्यकाल में शहर की सडक़ों पर काले-पीले फाइबर के स्ट्रिप भी स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। ये लगाने में आसान और सस्ते ज़रूर हैं, लेकिन ये कामयाब नहीं हो पाए। ये बहुत जल्दी ही घिसने लगे और सडक़ पर रह गई कीलें। ये वाहनों के टायरों को चुभो रही हैं।
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इनका कहना है...
यातायात की दृष्टि से जहां भी सडक़ों के स्पीड ब्रेकर टूट गए हैं, नगर निगम द्वारा उन्हें सुधरवा दिया जाएगा। निगम जल्द ही इसका अभियान शुरू करेगा।
-इच्छित गढ़पाले, आयुक्त नगर निगम।

manohar soni
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