ममताभरी गोद से बहिष्कृत नन्ही कुहू पहुंची बालगृह, जानें स्थिति

झाडिय़ों में मिली जख्मी कुहू स्वस्थ होकर गई बालगृह, 45 दिन चला जिला अस्पताल में उपचार

By: Dinesh Sahu

Published: 24 Jun 2020, 10:52 AM IST

छिंदवाड़ा/ मां की ममता की गोद से बहिष्कृत नवजात 'कुहू' 45 दिन के उपचार के बाद स्वस्थ होने पर मंगलवार को वैधानिक प्रक्रिया के बाद त्रिलोकी नगर स्थित बालगृह में भेज दी गई है। बताया जाता है कि मोरडोंगरी में झाडिय़ों में फेंकी गई 'कुहू' 2 मई 2020 को रोने की आवाज पर लोगों को मिली थी। इमरजेंसी एम्बुलेंस 108 की मदद से बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था।

बच्ची के सीने पर पत्थर रखे होने तथा झाडिय़ों में फंसे होने से शरीर में चोटे आई तथा खून भी बह रहा था। एसएनसीयू में करीब 35 उपचार के बाद 'कुहू' को पीआइसीयू (पीकू) में 13 जून 2020 को शिफ्ट कर दिया गया, जहां नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों ने बच्ची का नामकरण 'कुहू' कर देखभाल की। इसके चलते बच्ची की हालात में सुधार आया और वर्तमान में उसका वजन करीब 1.8 किग्रा बताया जाता है।

डॉ. जेएम श्रीवास्तव, डॉ. हर्षवर्धन कुडापे समेत समस्त नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों ने शिशु का ध्यान रखा। डॉ. कुडापे ने बताया कि बच्ची की शिफ्टिंग की वैधानिक प्रक्रिया में दौरान किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड लाइन तथा सामाजिक संस्थाओं के लोग मौजूद थे।

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