आधार के इस फंक्शन से गुमशुदा बच्चे को मिला उसका घर

आधार के इस फंक्शन से गुमशुदा बच्चे को मिला उसका घर

vinay purwar | Publish: Jul, 14 2018 11:46:43 AM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

आधार में दर्ज फिंगर प्रिंट की सहायता से एक वर्ष बाद परिजन से मिलेगा बालक

छिंदवाड़ा. गुमशुदा व्यक्ति की पहचान एवं पता की जानकारी के लिए आधार की उपयोगिता सिद्ध हो रही है। हाल ही में एक 11 वर्षीय बालक प्रिंस (परिवर्तित नाम) के घर का पता आधार कार्ड सेंटर से चला। प्रिंस करीब सालभर से शहर के एक चाइल्ड केयर सेंटर में रह रहा था। मानसिक और शारीरिक रूप से सामान्य होने के बाद भी अपने घर का न तो नाम ही बता पा रहा था और न ही पता। यहां तक कि उसकी उम्र भी आधार कार्ड के माध्यम से बाद में ही पता चली। दरअसल प्रिंस घर से किसी बात से नाराज होकर ट्रेन में बैठकर छिंदवाड़ा पहुंचा था। दो-चार दिनों तक पुलिस ने पतासाजी की। वह न तो अपना नाम बता पाया न ही घर का पता। इसके बाद उसे शहर के एक चाइल्ड केयर सेंटर में भेज दिया गया। 12-13 माह से वह चाइल्ड केयर में ही रह रहा था। कुछ दिनों पहले वह चाइल्ड केयर सेंटर स्टाफ से घुल मिल गया। इसके बाद उसकी काउंसलिंग की गई।

फिंगर प्रिंट से किया मिलान
काउंसलिंग के दौरान प्रिंस ने कई बार नाम गलत बताया, इसलिए उससे मिली जानकारी की पुष्टि जरूरी थी। आधार सेंटर के सुपरवाइजर लोकेश डोले ने बताया कि देर शाम प्रिंस को उनके पास लाया गया। पहले उसके फिंगर प्रिंट लिए गए। उसके बाद उसके बताए हुए चालू नाम से मैच किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बच्चे के अनुमानित वजन के आधार पर उम्र का अनुमान लगाते हुए 2003 से लेकर 2007 तक के वर्ष को डालकर वेरीफिकेशन करने का प्रयास किया गया। अंतत: फिंगर प्रिंट के साथ मिलान हुआ। उसका आधार 2013 में बनाया गया था। इसमें उसकी फोटो भी लगी थी।

घर में सिर्फ मां और बहनें
चाइल्ड केयर सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार उसकी मां, भोपाल से जल्द ही उसे लेने पहुंचेंगी। वह घर का इकलौता पुत्र है उसके अलावा उसके घर में उसकी दो बहनें और हैं।

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