इस कारण लोगों की रीढ़ में आने लगी समस्या

पंचनामा में खुलासा: सहायक यंत्री ने सौंपी रिपोर्ट,

पीवीसी की जगह सीमेंट ब्रेकर ज्यादा सुविधाजनक

 

By: vinay purwar

Published: 24 May 2018, 12:15 PM IST

छिंदवाड़ा . शहर में लगाए गए स्पीड ब्रेकर्स को लेकर निगम की सहायक यंत्री प्रिया पटेल ने अपनी रिपोर्ट निगम आयुक्त इच्छित गढ़पाले को सौंप दी। रिपोर्ट लोगों से बातचीत के आधार पर बनाई गई। पंचनामा लिया गया, गली-मोहल्लों में पहुंचकर जनता से राय ली गई। लोगों ने स्पीड ब्रेकर बनाए जाने पर समर्थन तो जताया लेकिन पीवीसी ब्रेकर की जगह स्लोप वाले सीमेंटेड ब्रेकर बनाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि शहर में काफी समय से स्पीड ब्रेकर लगाने में अनियमितता सामने आ रही थी। लाखों रुपए के स्पीड ब्रेकर लगे और कुछ ही दिनों में उखड़ गए। उनकी जगह रह गईं हादसे का कारण बनने वाली मोटी-मोटी कीलें। इसे लेकर पहले तो अधिकारियों ने कहा कि स्पीड ब्रेकर लगाने के बाद उसके रिपेयर की जिम्मेदारी ठेकेदार की नहीं है, जबकि निगम आयुक्त ने सहायक यंत्री को जांच के निर्देश देते हुए ही स्पष्ट कर दिया था कि स्पीड ब्रेकर के रिपेयर की जिम्मेदारी ठेकेदार की ही है।

-बातचीत के आधार पर पंचनामा तैयार किया
मुझे स्पीड ब्रेकरों की जांच की जिम्मेदारी मिली थी। इसमें लोगों से बातचीत के आधार पर पंचनामा तैयार किया गया। रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंप दी गई है।
प्रिया पटेल, सहायक यंत्री नगर निगम
अनावश्यक ही बने हैं कई जगह ब्रेकर
निगम सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में लोगों ने पीवीसी ब्रेकर को सिरे से खारिज किया है। इन ब्रेकर से रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायत लोगों ने की है जबकि सीमेंट के ब्रेकर्स को अपेक्षाकृत आरामदायक और किफायती बताया गया है। इधर हाईवे पर ब्रेकर लगाना नियमों के विपरीत पाया गया। वहीं ईएलसी चौक से राजपाल चौक हो या भरतादेव रोड, कुछ दूरी पर दर्जनों स्पीड ब्रेकर को अनावश्यक बताया गया है। स्पीड ब्रेकर में सत्र २०१७- २०१८ में करीब २१ लाख रूपए खर्च कर दिए गए। और अब भी इन पर लाखो खर्च करने के लिए फाइल बन रही है। सुनियोजित योजना के तहत स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की जाती है। और फिर शुरू हो जाता है कमीशन का खेल.

vinay purwar
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