सोसायटी में यूरिया का स्टाक नहीं, चक्कर काट रहे किसान

अंबाड़ा सहकारी सोसायटी में यूरिया का स्टॉक खत्म है। यहां के बड़े रकबे वाले किसानों को यूरिया की आवश्यकता है किसानों को न तो सहकारी सोसायटी साथ दे रही है और न निजी कृषि केन्द्र मदद कर रहे है।

By: Sanjay Kumar Dandale

Published: 21 Jul 2021, 06:37 PM IST

छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. अंबाड़ा सहकारी सोसायटी में यूरिया का स्टॉक खत्म है। यहां के बड़े रकबे वाले किसानों को यूरिया की आवश्यकता है किसानों को न तो सहकारी सोसायटी साथ दे रही है और न निजी कृषि केन्द्र मदद कर रहे है। इन हालातों में खेतों में बढ़ रही खरीफ फसलों के पोषण के लिए परेशान होना पड़ रहा है। यह हालात सभी स्थानों पर है।
किसानों का कहना है कि कुल भंडारण का 30 प्रतिशत दिए जाने के आदेश का असर हमारी फसलों पर पड़ रहा है। एक किसान को पांच बैग दी जा रही है परंतु बड़े रकबे वाले किसानों के लिए यूरिया की यह मात्रा पर्याप्त नही है। इधर निजी कृषि केन्द्र संचालक भी एक किसान को केवल दो बैग ही बेच रहे है। इसका फायदा कालाबाजारी करने वाले उठा रहे है जो जरूरतमंद किसानों को महंगे दामों में यूरिया देने का लालच देकर मुनाफाखोरी कर रहे है। इस मामले में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी विनायक नागदवने का कहना है कि एक ही किसान को यदि बड़ी मात्रा में यूरिया दे दिया जाएगा तो बाकि के किसानों को कुछ भी नहीं मिल पाएगा। इसलिए सभी बराबर मात्रा में खाद बांटा जा रहा है। यदि कहीं महंगे दाम में यूरिया बेचा जा रहा है तो किसान हमसे शिकायत कर सकते है हम बेचने वाले के विरुद्ध एफआईआर समेत लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही करेंगे। गौरतलब है कि सोमवार मंगलवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरों पर रोनक ला दी है। इससे निंदाई व खाद डालने का काम करने खेतों में हलचल तेज है लेकिन किसानों को खाद नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Sanjay Kumar Dandale
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