जावड़ेकर के मप्र छोड़ते ही यह संकट

manohar soni

Publish: Apr, 17 2018 11:32:10 AM (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
जावड़ेकर के मप्र छोड़ते ही यह संकट

छिंदवाड़ा जिले की जिम्मेदारी से मुक्त होने पर भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने अभी किसी दूसरे राज्यसभा सांसद को इसका दायित्व नहीं सौंपा है।


छिंदवाड़ा.केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के मप्र की राज्यसभा सीट छोड़ते ही सांसद आदर्श ग्राम खुटिया का विकास अधर में लटक गया है। जावड़ेकर अब महाराष्ट्र से निर्वाचित हो गए। उनके छिंदवाड़ा जिले की जिम्मेदारी से मुक्त होने पर भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने अभी किसी दूसरे राज्यसभा सांसद को इसका दायित्व नहीं सौंपा है। एेसे में इस गांव की जनता अपने दूसरे रहनुमा का इंतजार कर रही है।
छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस के पास होने पर भाजपा नेतृत्व ने वर्ष २०१५ में राज्यसभा सदस्य जावड़ेकर को सांसद निधि देने समेत अन्य विकास कार्य कराने के लिए अधिकृत किया था। इसी दौरान प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सांसद आदर्श ग्राम योजना आते ही जावड़ेकर ने जिला मुख्यालय से१५ किमी दूर ग्राम खुटिया झंझरिया को चुना। अपने तीन साल के कार्यकाल में जावड़ेकर छिंदवाड़ा तो चार-पांच बार आए लेकिन इस गांव में केवल एक बार गए और ग्रामीणों की चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी। इस दौरान जावड़ेकर ने ५ लाख रुपए के व्यायाम शाला निर्माण की घोषणा की। इसके बाद दूसरी मद से ५० लाख रुपए के तालाब का भूमिपूजन भी कराया गया। ४० लाख रुपए की पेयजल योजना बनी। इन घोषणाओं पर कुछ काम हो पाया। शेष हायर सेकण्डरी स्कूल समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए उनके आने का इंतजार बना रहा। इस बीच २ अप्रैल को जावड़ेकर का कार्यकाल मप्र से समाप्त हो गया। वे महाराष्ट्र राज्य से राज्यसभा में पहुंच गए। उनके छिंदवाड़ा के दायित्व से मुक्त हो जाने पर इस गांव का विकास लटक गया है। इसके साथ ही एक अप्रैल से लागू वित्त वर्ष २०१८-१९ में उनकी सांसद निधि का नुकसान भी जिले को झेलना पड़ेगा।
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जावड़ेकर होते तो मिलती विकास को गति
इस गांव की निवासी जिला पंचायत सदस्य पार्वती शंकर उइके का कहना है कि राज्यसभा सदस्य प्रकाश जावड़ेकर के मंत्री होने पर प्रशासन का पूरा ध्यान उनके गांव पर बना रहता था। इससे गांव के विकास को गति मिलती थी। उनके कार्यकाल समाप्त होने के बाद आदर्श गांव का जिम्मा किसी दूसरे सांसद को नहीं सौंपा गया है।
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कैलाश सोनी और सम्पत्तिया में से एक
भाजपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व छिंदवाड़ा लोकसभा की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए किसी दूसरे राज्यसभा सदस्य को जल्द जिले की जिम्मेदारी सौंप सकता है। इनमें दो नए राज्यसभा सदस्य कैलाश सोनी नरसिंहपुर और सम्पत्तिया उइके मण्डला का नाम आगे है। ये दोनों पार्टी के कार्यक्रम में छिंदवाड़ा आ चुके हैं। किसी एक को सांसद निधि के लिए अधिकृत किया जा सकता है। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र परमार का कहना है कि राज्यसभा सांसद की जिम्मदारी पार्टी तय करती है। पार्टी से बदलाव की सूचना नहीं आई है।

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