इस लेबल में हो गयी चूक, नहीं तो टॉप २० सूची में होता ये शहर

इस लेबल में हो गयी चूक,  नहीं तो टॉप २० सूची में होता ये शहर

vinay purwar | Updated: 25 Jun 2018, 12:09:28 PM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 : फील्ड स्तर पर प्रयासों के आधार पर था दावा,
देशभर में 42 वीं और प्रदेश में नौवीं रैंकिंग से करना पड़ा संतोष

छिंदवाड़ा . स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के 500 से अधिक शहरों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इसमें एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के 32 शहर शामिल हो चुके हैं। छिंदवाड़ा ने प्रदेश में नौवां और देशभर में 42 वां स्थान प्राप्त किया, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर माना जा सकता है। फिर भी छिंदवाड़ा ने इस वर्ष 4203 शहरों की प्रतिस्पर्धा में मैदानी स्तर पर जो कार्य किए उससे माना जा रहा था कि देश के टॉप 20 शहरों में शुमार होगा, लेकिन टॉप 50 से ही संतोष करना पड़ा। दरअसल इस बार सर्वेक्षण की तीन पद्धतियां लागू की गई थीं। इसी आधार पर रैंकिंग की गई। छिंदवाड़ा निगम ने प्रत्यक्ष अवलोकन एवं नागरिक प्रतिक्रिया में तो बाजी मार ली, लेकिन सर्वेक्षण की तीसरी पद्धति सेवा स्तर की प्रगति में पिछड़ गए। सेवा स्तर की प्रगति में संग्रह और परिवहन, उपचार एवं प्रसंस्करण, स्वच्छता, आइइसी और व्यवहार परिवर्तन, क्षमता निर्माण से लेकर नवोन्मेष एवं सर्वोत्तम अभ्यास के दस्तावेज जमा किए जाने थे।

35 प्रतिशत में भी मिले 35 प्रतिशत अंक
बता दें कि पूरा सर्वेक्षण 4000 अंकों का था। इसमें सेवा स्तर में प्रगति पर 35 प्रतिशत, प्रत्यक्ष अवलोकन पर 30 प्रतिशत और नागरिक प्रतिक्रिया पर 35 प्रतिशत अंक मिलने थे। इसमें नागरिक प्रतिक्रिया में 90 प्रतिशत, सर्वेयरों द्वारा प्रत्यक्ष अवलोकन पर 99.5 प्रतिशत एवं सेवा स्तर में प्रगति पर सिर्फ ३५ प्रतिशत ही अंक हासिल हुए।

इन तीन स्तरों में मिले अंक

सर्विस लेबल प्रोग्रेस 493/1400 35%

सीधे अवलोकन 1193/1200 99.5%

नागरिक प्रतिक्रिया 1259/1400 90%

सेवा स्तर में प्रगति की यह थी कार्यविधि

निकायों का दस्तावेजीकरण, आंकड़ों का संग्रह, सत्यापन, प्रश्नों के आधार पर आवश्यक आंकड़ों को तैयार करने के साथ उपलब्ध कराना, नोडल अधिकारी द्वारा सर्वेक्षण संकेतक या प्रश्नों के अनुसार निकाय के प्रदर्शन का स्वमूल्यांकन, उसका सत्यापन, अस्पष्टता से बचने के लिए नोडल अधिकारी द्वारा मूल्यांकन पर हस्ताक्षर आदि शामिल है। इसके अंतर्गत जितने भी स्वच्छता से सम्बंधित कार्य किए गए उनके प्रमाणित दस्तावेज जमा किए जाने जरूरी है। इनमें सर्वेक्षण एजेंसी संतुष्ट भी हो।

कमी कहां रह गई, करेंगे विश्लेषण
देश में टॉप २० शहरों में आने का अनुमान था। कमी कहां रह गई उसका विश्लेषण करेंगे और इस वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतिस्पर्धा में सबसे बेस्ट करेंगे ।
इच्छित गढ़पाले, निगम आयुक्त

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