Shiv dham: तीन हजार फिट नीचे गुफा में स्थित है यह शिवलिंग

तामिया का छोटा महादेव मंदिर

छिंदवाड़ा. भगवान महादेव के निवास स्थान भी निराले हैं। उनकी महिमा निराली है। कहीं बर्फीले मैदानों के बीच वे आस्था का केंद्र बनकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं तो कहीं पहाड़ की ऊंची चोटी पर विराजते मिलेंगे। देश में कई एेसे प्राचीन मंदिर मिल जाएंगे जहां प्रकृति की अनुपम छटा के बीच भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों को दर्शन करने के लिए बुलाते हैं। जिले में भी भगवान शंकर के एेसे कई स्थल है जो अद्भुत है। इन्हीं में से एक है छोटा महादेव। एक महादेव सतपुड़ा की पहाडि़यों पर चौराकढ़ में विराजे हुए हैं तो दूसरे छोटा महादेव के रूप में इन्हीं पहाडि़यों के बीच चट्टानों के रूप में नीचे पाताललोक जैसे स्थान पर दर्शन दे रहे हैं। जिला मुख्यालय से लगभग ५६ किलोमीटर दूर पर्यटन स्थल तामिया स्थित है। यहां रेस्टहाउस के पास से लगभग डेढ़ किलोमीटर यानि तीन हजार फिट से भी ज्यादा नीचे महादेव का यह मंदिर स्थित है। यहां शिवलिंग के रूप में महादेव विराजमान है। तामिया रेस्ट हाउस के व्यू प्वांइट से पाताल की गहराइयों में सतपुड़ा की वादियां, जंगल और सामने पहाड़ हरियाली के रूप में मन को मोहते ही है। छोटा महादेव के लिए जैसे-जैसे नीचे उतरेंगे तो लगता है जैसे प्रकृति आलिंगन करने को आतुर है। इस मार्ग से गुजरते हुए दूर से दिखती तामिया के पहाड़ की दो चोटियों की चट्टानों को छूते हुए छोटा महादेव के दर्शन को नीचे उतरना एक रोमांच भी पैदा करता है। लगभग डेढ किलोमीटर नीचे उतरने पर गुफा मिलती है यहीं पर शिवलिंग विराजमान है। शिवलिंग की स्थापना यहां कब और कैसे और किसने की इसका पता किसी को नहीं है।
प्रकृति महादेव का कर रही अभिषेक
छोटा महादेव का मंदिर गुफा में ही स्थित है। यह प्राकृतिक रूप से बनाया गया है। सतपुड़ा के पठार की गहराई में स्थित यह गुफा अपने प्राकृतिक रूप से लोगों को आकर्षित करती है। भगवान शंकर का जहां शिवलिंग है उसके उपर एक झरना बहता है उसका पानी वर्ष भर शिवलिंग पर अभिषेक के रूप में गिरता है। इसके अलावा गुफा के आसपास भी कई प्राकृतिक झरनों से पानी का प्रवाह बना रहता है। चट्टानी पत्थरों के साथ अनेक तरह की वनस्पतियां भी यहंा पाई जाती है। यहंा पहुंचकर शांत वातावरण में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और उनकी आराधना एक अलग ही सुकून देती है।
शिवरात्रि पर लगता है विशेष मेला
यूं तो तामिया घूमने आने वाले सैलानी साल भर छोटा महादेव दर्शन के लिए आते हैं लेकिन शिवरात्रि पर यहंा विशेष दर्शन और अभिषेक के लिए लोग पहुंचते हैं पहले तो नीचे फिसलन भरे रास्तों पर बड़ी सावधानी से लोगों को नीचे मंदिर तक पहुंचना पड़ता था। बारिश के दिनों में तो यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता था। उस समय इस रास्तों के जानकार स्थानीय लोगों के साथ ही जाया जा सकता था। अब वन विभाग ने यहां सीढि़या ना दी है। दोनों तरफ रैलिंग भी लगा दी गई है ताकि दर्शक बिना किसी डर के नीचे उतर सके। बीच-बीच में कुछ प्वाइंट और छतरियां भी लोगों को आसपास का दृश्य निहारने के लिए बना दी गई है।

sandeep chawrey Reporting
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