पेंच बफर जोन में बाघ की दहशत,  ग्रामीणों ने खेत-जंगल जाना छोड़ा

पेंच बफर जोन में बाघ की दहशत,  ग्रामीणों ने खेत-जंगल जाना छोड़ा

prabha shankar | Publish: Aug, 12 2018 11:27:48 AM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

जमतरा में गाय के शिकार के बाद सतर्कता, वन विभाग ने बढ़ा दी गश्ती

छिंदवाड़ा. पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन की कुंभपानी रेंज के गांवों में बाघ की दहशत ने ग्रामीणों की रात की नींद उड़ा दी है। एक दिन पहले इस वन्य प्राणी ने दो गायों पर हमला बोल दिया था। तब से ग्रामीण खेत जाने से डर रहे हैं। वन विभाग ने गश्ती बढ़ा दी है।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस रेंज के जमतरा ग्राम निवासी रज्जू चौरसिया की गाय पर बाघ ने शुक्रवार को हमला बोलकर खा लिया था और एक अन्य रामकिशन चौरिया की गाय को गम्भीर रूप से घायल कर दिया था। गांव के समीप जंगल की इस घटना के बाद से लोग मवेशी चराने जंगल की ओर नहीं जा रहे हैं। इसके साथ ही खेत जाना भी छोड़ दिया है। गांव की चहल-पहल गायब है। आसपास के गांवों में यह जानकारी पहुंचते ही ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। विभागीय कर्मचारियों ने इस गांव में गश्ती बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मानें तो बाघ ग्राम के आसपास भी देखा गया है। ऐसे में लोगों ने शाम होते ही घरों से बाहर निकलना भी बंद कर दिया है। मवेशी के शिकार की घटना के बाद से वन विभाग ने क्षेत्र में पहरा बैठा दिया है। कर्मचारियों को ग्राम के आसपास तैनात कर बाघ की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। रेंजर मानसिंह परते ने बताया कि गाय के शिकार के बाद बाघ के प्रति ग्रामीणों को सतर्क किया गया है।

मूवमेंट पर मुनादी
ग्रामीणों से मिल रही खबर के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पूरे क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट बना हुआ है। जमतरा सहित आसपास के ग्रामों में पहले ही मुनादी करा दी गई थी, लेकिन उसके बाद भी किसान जंगल में मवेशी चरने के लिए छोड़ते रहे। इसके चलते एक गाय का शिकार हुआ। दूसरी गम्भीर रूप से घायल हुई। इस घटना के बाद एक बार फिर ग्रामीणों को हिदायत दी गई है कि वे न तो खुद जंगल जाएं और न ही मवेशियों को चरने के लिए छोड़े।
मानसिंह परते, रेंजर

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