सब्जियों के दामों में आया उछाल

बाजार में सब्जियों के दामों में काफी उछाल आया है। टमाटर हो या गोभी हो या अन्य हरी सब्जियां सभी के दाम 40 रुपए किलो के पार पहुंच गए है।

परासिया. बाजार में सब्जियों के दामों में काफी उछाल आया है। टमाटर हो या गोभी हो या अन्य हरी सब्जियां सभी के दाम 40 रुपए किलो के पार पहुंच गए है।
भिण्डी, पत्ता गोभी, फूल गोभी, परमल बजट से अधिक में बिक रही है। त्योहारी सीजन में सब्जियों ने मध्यम परिवार का बजट बिगाड़ दिया है। हालात ये हो रहे है कि आलू ही एकमात्र विकल्प है जो २० रुपए किलो बिक रहा है। वही पत्तियों वाली सब्जियों के दाम ६० रुपए किलो से कम नहीं है। बाजार में लोग रोजाना सब्जियां खरीदने पहुंचते है लेकिन सब्जियों के दाम सुनकर बटुएं को टटोलते नजर आते हैं। इसी तरह सडक़ किनारे लगा रहे सब्जी विक्रेता भी रुपए किलो से अधिक दामों में सब्जियों की बिक्री कर रहे है। स्थिति यह है कि पाव भर सब्जियों के दाम अधिक बता रहे हैं।
मिट्टी के पात्रों का चलन हुआ कम
बोरगांव . कुछ साल पहले तक हर घर की अहम उपयोगी वस्तुओं में शुमार मिट़्टी के दिये व अन्य सामग्री अब अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। बोरगांव में मिट्टी से बनी सामग्री पिपला, लोधीखेडा क्षेत्र की अपनी अलग पहचान है। इस व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस व्यवसाय से अच्छी आमदानी भी कारीगरों को प्राप्त होती थी। आधुनिक समय में मशीनों के आ जाने के कारण मिट्टी के दीए व अन्य सामग्री बनाने वाले कारीगरों को रोजगार के लाले पड़ गये हैं। कई कारीगरों ने पंचायत में काम नहीं मिलने के कारण रोजी -रोटी की तलाश में महानगरों की राह पकड़ ली है। वर्तमान में शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिट्टी की सामग्री का चलन तेजी से घट रहा है।

SACHIN NARNAWRE
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