पाताल पहुंचा पानी: मवेशियों का हक छीनकर बुझानी पड़ रही प्यास

पाताल पहुंचा पानी: मवेशियों का हक छीनकर बुझानी पड़ रही प्यास

prabha shankar | Publish: May, 18 2018 07:00:00 AM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

जल संकट: ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ी स्थिति, पीएचई विभाग की कार्ययोजना ठंडे बस्ते में, अब मानसून का इंतजार

छिंदवाड़ा. भीषण गर्मी के साथ जिले का जलस्तर पाताल में पहुंच गया है। जलसंकट की विकराल स्थिति के कारण जिले के कई क्षेत्रों में परिवहन की स्थिति बन रही है। गर्मी से पहले पेयजल संकट से निपटने के लिए पीएचई विभाग ने जो कार्ययोजना तैयार की, वह ठंडे बस्ते में चली गई है। सबसे विकराल स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बन रही है जहां लोग दूषित पानी पीने मजबूर हो रहे हैं। कई स्थानों पर तो ग्रामीणों को दो-चार किमी दूर से पेयजल लाना पड़ रहा है।
पीएचई विभाग वर्तमान समय में बंद हो रहे हैंडपम्पों तथा नल-जल योजनाओं को शुरू करने पाइप बढ़ाने का कार्य कर रहा है, जिसके कारण कुछ स्थानों पर स्थिति सुधरने की बात कही जा रही है। सबसे ज्यादा समस्या कोयलांचल क्षेत्र में है, जहां पेयजल संकट गहराता जा रहा है और ग्रामीण बैलगाडि़यों और पैदल पेयजल का परिवहन कर रहे हैं। ऐसे स्थानों पर हैंडपंपों ने दम तोड़ दिया है तथा विभाग बंद नल-जल योजनाओं को शुरू नहीं करा पा रहा है। कोयलांचल क्षेत्र में जलावर्धन योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन जलस्रोत सूखने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।
कहीं-कहीं तो स्थिति इतनी भयावह है कि जहां कभी मवेशी पानी पीते थे आज उसी गड्ढे के पानी से लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

टैंकर से सप्लाई
पीएचई के दोनों खंडों परासिया और छिंदवाड़ा की बात की जाए तो वर्तमान में जलस्तर औसत 40 मीटर पहुंच गया है। छिंदवाड़ा खंड में आने वाले विकासखंडों में विभाग परिवहन की स्थिति नहीं बनने की बात कर रहा है, लेकिन परासिया खंड अंतर्गत आने वाले परासिया विकासखंड के पांच क्षेत्र अंबाडा, इकलहरा, भाजीपानी, भमोड़ी, जाटाझापर में पेयजल परिवहन की स्थिति बन रही है। ग्राम पंचायत द्वारा पेयजल टैंकरों से सप्लाई की जा रही है।

100 नलजल योजनाएं प्रभावित
जिले में 12185 हैंडपंप हैं जिसमें से वर्तमान में 1000 हैंडपंप जलस्तर गिरने के कारण बंद हैं, जिनमें वे हंैडपंप शामिल हैं जो प्रतिवर्ष जलस्तर के कारण बंद होते हैं और बारिश में पुन: शुरू हो जाते हैं। इसमें परासिया खंड के विकासखंडों 600 तथा छिंदवाड़ा खंड के विकासखंडों में तकरीबन 300 से ज्यादा हंैडपंप बंद हैं। नलजल योजनाओं की बात की जाए तो जिले भर में 931 नलजल योजनाओं में से 100 वर्तमान में प्रभावित हैं। बंद नलजल योजनाओं को शुरू करने का प्रयास विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है।

पेयजल संकट को लेकर पीएचई विभाग के दोनों खंडों को 100-100 नए हैंडपंपों का लक्ष्य दिया है जिन्हें विभाग ने पूरा कर लिया है। विभाग उन स्थानों पर नए हैंडपंप लगा रही है जहां के अन्य सभी जलस्रोत प्रभावित हो गए हैं तथा पुराने हैंडपंपों में 12 पाइप तक बढ़ा दिए गए, फिर भी हैंडपंप पानी नहीं उगल रहे हैं। पीएचई विभाग ने जिले भर में तकरीबन 500 हैंडपंपों में पाइप बढ़ाने का कार्य किया है।

इनका कहना है
वर्तमान में छिंदवाड़ा खंड में कहीं पेयजल परिवहन की स्थिति नहीं बनी है। 250 हैंडपंपों में पाइप बढ़ाने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही इस सत्र में तकरीबन 100 नए हैंडपंप लगाए गए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बनाई जा रही है।
एसएल तिडग़ाम, कार्यपालन यंत्री, छिंदवाड़ा खंड

परासिया खंड में परासिया क्षेत्र के पांच स्थानों पर पेयजल परिवहन की स्थिति बनी है। पांच ब्लॉकों में 100 नए हैंडपम्प स्थापित किए गए हैं। जिन स्थानों पर पेयजल की ज्यादा समस्या सामने आ रही है, विभाग वहां के लिए विशेष व्यवस्था बनाने में लगा हुआ है।
एसके कुसरे, कार्यपालन यंत्री, परासिया खंड

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