Water crisis: जिला जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

इधर नगरनिगम आयुक्त ने जल संसाधन विभाग को लिखा प

By: prabha shankar

Published: 06 Mar 2021, 12:02 PM IST

छिंदवाड़ा। कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन द्वारा म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम-1986 की धारा तीन के अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले को तत्काल प्रभाव से 15 जून 2021 या वर्षा प्रारम्भ होने तक की अवधि के लिए जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

कुलबेहरा नदी से पेयजल की आपूर्ति बंद अब कन्हरगांव डैम पर निर्भर रहेगा शहर
कुलबेहरा नदी का जल स्तर नीचे चले जाने से शहर की पेयजल आपूर्ति यहां से बंद हो गई है और नगर निगम पूरी तरह कन्हरगांव डैम पर निर्भर हो गया है। इसे देखते हुए निगम आयुक्त ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को पत्र लिखकर डैम का लेवल 710.50 मीटर पर आरक्षित करने का अनुरोध किया।
आयुक्त ने पत्र में कहा कि विगत वर्ष हुई अतिवर्षा के कारण कुलबेहरा नदी पर बने एनीकट के क्षतिग्रस्त होने से नदी का जलस्तर कम होने के कारण भरतादेव फिल्टर प्लांट में स्थापित इंटकवेल के पम्प संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इससे निगम क्षेत्र की जलप्रदाय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। निगम द्वारा वर्तमान में कन्हरगांव जलाशय से ग्रेविटी मेन पाइप लाइन से कच्चा पानी लिया जा रहा है ।
आगामी ग्रीष्मऋतु में कुलबेहरा नदी से जल उपलब्ध नहीं हो पाएगा। निगम के दोनो प्लांट को कन्हरगांव जलाशय की ग्रेविटी पाइप लाइन से चलाया जाना होगा।
ग्रीष्म ऋतु में निगम क्षेत्र की जलप्रदाय व्यवस्था को बनाए रखने कन्हरगांव जलाशय का जलस्तर न्यूनतम 710.50 मीटर बनाया रखा जाए।

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