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क्या है सॉफ्ट वेल ,जिससे जताई जा रही हादसे की आशंका

भमोड़ी पुरानी सायडिंग के पास दशकों पुराना माइन सॉफ्ट वेल का मुहाना खुलने से दुर्घटना की आशंका है। इसे आम बोलचाल में जेन कुआं कहते है जो पुरानी भूमिगत खदानों में गैस को बाहर निकालने के लिए बनाया जाता था। गौरतलब है कि 28 वर्ष पूर्व भमोड़ी खदान बंद हो चुकी है । खदान के समीप रेलवे सायडिंग थी। जहां सॉफ्ट वेल बनाया गया था। खदान बंद होने के बाद इसे सीमेंट कांक्रीट स्लेब से ढंक दिया गया था। वर्तमान में एक तरफ से इसका मुहाना खुल गया है जिससे हादसे की आशंका है।

छिंदवाड़ा

Published: March 05, 2022 06:07:28 pm

छिन्दवाड़ा/परासिया. भमोड़ी पुरानी सायडिंग के पास दशकों पुराना माइन सॉफ्ट वेल का मुहाना खुलने से दुर्घटना की आशंका है। इसे आम बोलचाल में जेन कुआं कहते है जो पुरानी भूमिगत खदानों में गैस को बाहर निकालने के लिए बनाया जाता था। गौरतलब है कि 28 वर्ष पूर्व भमोड़ी खदान बंद हो चुकी है । खदान के समीप रेलवे सायडिंग थी। जहां सॉफ्ट वेल बनाया गया था। खदान बंद होने के बाद इसे सीमेंट कांक्रीट स्लेब से ढंक दिया गया था। वर्तमान में एक तरफ से इसका मुहाना खुल गया है जिससे हादसे की आशंका है। सॉफ्ट वेल सैकड़ों फीट गहरा है।मुहाना खुलने की वजह से कोई व्यक्ति अथवा मवेशी गिर सकता है। कोयलांचल में कई स्थानों पर बंद खदानों के मुहाने तथा सॉफ्ट वेल को लोहा तथा धातुओं के लालच में असमाजिक तत्व खोल लेते हैं।कई बार इन स्थानों से जहरीली गैस का रिसाव होने लगता है। जिससे भी खतरा हो सकता है। लोगों का कहना है कि खदानों के बंद होने के बाद प्रबंधन रूचि लेना बंद कर देता है। भूमि पूजन : ग्राम लहगडुआ एवं साजकुही में पानी की टंकी का निर्माण शुरु हो गया है। पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। निर्माण कार्य का भूमि पूजन विधायक सुनील उईके ने किया। दोनों गांवों में एक करोड़ 35 लाख की लागत से 75 हजार लीटर क्षमता की टंकी बनाई जाएंगी। लहगडुआव साजकुही में कुल १६ किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। 800 परिवारों को घरों में पेयजल घरों मिलेगा। अभी हैंडपंप से पानी की आपूर्ति हो रही है। कार्यक्रम में सरपंच रेवती कुंवर, पर्यवेक्षक जमील खान, ब्लॉक अध्यक्ष मनमोहन साहू ,जनपद अध्यक्ष उजरसिंह भारती, सुधीर अहके, सतीश मिश्रा, भवानी जावरा, फूलमती बाई, जीतन धुर्वे, शोभाराम विश्वकर्मा, जोरू उईके, अनिल, महेश, अरुण उईके, श्रीराम सरेआम, निर्मला कोडोपा राजेंद्र ठाकुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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What is soft well, due to which the possibility of accident is being expressed

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