scriptwheat procurement in chhindwara | गेहूं पर जमाखोरों की नजर: बम्पर उत्पादन, फिर भी आवक कमजोर | Patrika News

गेहूं पर जमाखोरों की नजर: बम्पर उत्पादन, फिर भी आवक कमजोर

खेतों से सीधे खरीदी कर स्टॉक किए जाने की आशंका, न केंद्रों पर पहुंच रहा न ही मंडी में आ रहा ज्यादा गेहूं

छिंदवाड़ा

Published: April 28, 2022 10:33:46 am

प्रभाशंकर गिरी
छिंदवाड़ा। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से दुनियाभर में इस बार गेहूं की किल्ल्त का आकलन किया चुका है। विश्लेषकों का कहना कि भारत ही इस किल्लत को पूरा कर सकता है। इसी वजह से देशभर में गेहंू की कीमत आज सर्वोच्च शिखर पर है और बिचौलिए इसे पूरी तरह से भुनाने की फिराक में हैं।
दरअसल, सरकारी खरीदी का आधा सीजन बीत गया, लेकिन अब तक मात्र एक लाख क्विंटल गेहूं ही केंद्रों तक पहुंचा है। वहीं कुसमेली मंडी में अब तक छह लाख क्विंटल आवक दर्ज की गई है। इस वर्ष जिले में अपेक्षाकृत गेहंू की ज्यादा पैदावार होने के बावजूद आवक कमजोर नजर आ रही है। इसकी वजह वे बिचौलिए हैं जो ज्यादातर किसानों को न तो मंडी पहुंचने दे रहे है न ही खरीदी केंद्रों तक। वे खेतों पर जाकर ही सीधे खरीदी कर ज्यादा से ज्यादा गेहूं स्टॉक कर ज्यादा मुनाफे की फिराक में हैं।
बीते वर्ष की तुलना में इस बार गेहूं की कीमत 25 फीसदी तक ज्यादा मिल रही है। समर्थन मूल्य 2015 रुपए तय किया गया है जबकि मंडी में गेहूं का अधिकतम मूल्य 2350 रुपए तक मिल रहा है। वहीं खुले बाजार में 2500 के करीब कीमत मिल रही है लेकिन बिचौलिए खेत से ही 2000 रुपए प्रति क्विंटल में आसानी से इसकी खरीदी में जुटे हैं। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बाजार से जैसे ही गेहूं गायब होगा कीमतों में और ज्यादा उछाल आ जाएगा और इसका फायदा न तो किसानों को होगा न ही व्यापारियों को। इससे केवल उन बिचौलियों की जेब भरेगी जो स्टॉक करने की मकसद से खरीदी में जुटे हैं।

chhindwara
chhindwara

बिचौलियों को क्यों मिल जाती है प्राथमिकता
परिवहन से मुक्ति: दरअसल किसानों को खेतों से केंद्रों तक मंडी तक लाने में प्रति क्विंटल करीब 100 रुपए तक खर्च करने ही पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में समय भी ज्यादा लगता है। मंडी पर किसानों को क्या भाव मिले यह तय नहीं रहता जबकि जमाखोर या बिचौलिए सीधे खेतों से अपने ही खर्च पर गेहूं ले जाते हैं।
सीधा नकद भुगतान: व्यापारियों से किसानों को समर्थन मूल्य से ज्यादा राशि मिलने के साथ ही सीधा नकद भुगतान भी हो रहा है। समय की बचत भी होती है।
पेचीदगी: गेहूं बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन स्लॉट बुक कराना आवश्यक है। इसके अलावा भी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अन्य नियम भी जटिल हैं।
जहां ज्यादा फायदा वहां बिक्री: किसानों को जहां फायदा होगा वहीं अपनी उपज बेचेगा। समर्थन मूल्य पर बेचने में घाटा है क्योंकि समर्थन मूल्य सिर्फ 2015 रुपए प्रति क्विंटल है। वहीं किसानों को इसमें से प्रति क्विंटल 20 रुपए सफाई के लिए देना है। वहीं व्यापारी समर्थन मूल्य से ज्यादा में खरीद रहे हैं।
किसान भी कर रहे स्टॉक: कई किसानों ने गेहूं का स्टॉक करके रख लिया है उनका कहना है कि बाद में बेचेंगे क्योंकि बाद में बेचने पर उन्हें ज्यादा राशि मिलेगी।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

बुध जल्द वृषभ राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ समय, बनेगा हर कामज्योतिष: रूठे हुए भाग्य का फिर से पाना है साथ तो करें ये 3 आसन से कामजून का महीना किन 4 राशियों की चमकाएगा किस्मत और धन-धान्य के खोलेगा मार्ग, जानेंमान्यता- इस एक मंत्र के हर अक्षर में छुपा है ऐश्वर्य, समृद्धि और निरोगी काया प्राप्ति का राजराजस्थान में देर रात उत्पात मचा सकता है अंधड़, ओलावृष्टि की भी संभावनाVeer Mahan जिसनें WWE में मचा दिया है कोहराम, क्या बनेंगे भारत के तीसरे WWE चैंपियनफटाफट बनवा लीजिए घर, कम हो गए सरिया के दाम, जानिए बिल्डिंग मटेरियल के नए रेटशादी के 3 दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन नहीं जा सकते टॉयलेट! वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी खबरें

Asia Cup में भारत ने इंडोनेशिया को 16-0 से रौंदा, पाकिस्तान का सपना चूर-चूर करते हुए दिया डबल झटकामानसून ने अब तक नहीं दी दस्तक, हो सकती है देरखिलाड़ियों को भगाकर स्टेडियम में कुत्ता घुमाने वाले IAS अधिकारी का ट्रांसफर, पति लद्दाख तो पत्नी को भेजा अरुणाचलमहंगाई का असर! परिवहन मंत्रालय ने की थर्ड पार्टी बीमा दरों में बढ़ोतरी, नई दरें जारी'तमिल को भी हिंदी की तरह मिले समान अधिकार', CM स्टालिन की अपील के बाद PM मोदी ने दिया जवाबहिन्दी VS साऊथ की डिबेट पर कमल हासन ने रखी अपनी राय, कहा - 'हम अलग भाषा बोलते हैं लेकिन एक हैं'अजमेर शरीफ दरगाह में मंदिर होने के दावे के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस बल तैनातबोरवेल में गिरा 12 साल का बालक : माधाराम के देशी जुगाड़ से मिली सफलता, प्रशासन ने थपथपाई पीठ
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.