Youth day: प्रतिभाओं को मंच देने युवाओं ने ले ली जिम्मेदारी, लगा दी अपनी पूंजी

प्रोत्साहन मंच का वर्ष 2018 में गठन किया।

By: ashish mishra

Published: 12 Jan 2021, 01:27 PM IST


छिंदवाड़ा. अपने लिए सब जीते हैं, लेकिन दूसरों के लिए जिने में एक अलग ही आनंद है। यह कहना है साहित्य, संगीत, संस्कृति को समर्पित संस्था युवा प्रतिभा प्रोत्साहन मंच के संयोजक 30 वर्षीय राकेश ‘राज’ का। संस्था जिले के ऐसे युवा कलाकारों को खोजकर उन्हें मंच प्रदान करने का कार्य कर रही है जिनके पास हुनर तो है पर उसे सबके सामने लाने के लिए मंच नहीं। मंच के संयोजक राकेश ने बताया कि जिले के प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से कला जगत से ही जुड़े 15 युवा साथियों के साथ युवा प्रतिभा प्रोत्साहन मंच का वर्ष 2018 में गठन किया। राकेश ने बताया कि छिंदवाड़ा में ऐसे कई कार्यक्रम मैंने देखे जिसमें स्थानीय कलाकारों को मौका नहीं मिलता था। ऐसे में मैंने और युवा साथियों ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। इसके बाद हमने अपनी पूंजी लगाई और कार्यक्रम आयोजित कर प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना शुरु किया। सबसे पहले वर्ष 2018 में ही उन्होंने कारगिल विजय दिवस पर ‘काव्यांजलि’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें स्थानीय के साथ दूसरे जिले एवं प्रान्त से भी कलाकारों को शामिल किया। राकेश कहते हैं कि स्थानीय के साथ दूसरे जगह से कलाकारों को आमंत्रित करने का उद्देश्य यही था कि उनसे हमें सीखने को मिले। इसके बाद मंच द्वारा छिंदवाड़ा कवि सम्मेलन, ‘सुर बसंत’ शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम किया गया जो निरंतर जारी है। राकेश ने बताया कि एक दो कार्यक्रम के बाद हमें लोगों से प्रोत्साहन मिलने लगा। ऐसे में आर्थिक परेशानी दूर हो गई। राकेश कहते हैं कि हम युवा लगातार क्षेत्र विशेष में प्रतिभा खोजकर उन्हें मंच प्रदान कर रहे हैं। उनका एक ही उद्देश्य है कि उनके कार्यक्रम से अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मंच मिले और वे अपनी प्रतिभा दिखाकर आगे बढ़ सकें। यह सिलसिला जारी रहेगा। मंच की शुरुआत करने में युवा रविन्द्र चौरासे, धर्मेन्द्र विश्वकर्मा, राकेश राज, पंकज बोंडे, ऐश्वर्या कालबाण्डे, भावना चौरासे, अमित सोनी, युगल देवरे, प्रवीण चौरासे, तीर्थराज सानेर, अंशुल बोंडे, रूचित बरमैया, सोनू चौरसिया, मोहित कपाले, दीपक चौकीकर, पियूष मोटघरे, यदुसिंग वर्मा, अर्जुन सिंह वर्मा शामिल रहे। वरिष्ठ साहित्यकार पंडित राजेन्द्र मिश्रा राही, अनिल ताम्रकार युवाओं को मार्गदर्शन दे रहे हैं।


लॉकडाउन में भी लाइव कार्यक्रम
लॉकडाउन के दिनों में तनाव मुक्त माहौल प्रदान करने एवं कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंच ने लाइव कार्यक्रम आयोजित किए। जिसमें न केवल देश से बल्कि विदेशों से कलाकार जुड़े।

कलाकारा होना भाग्य का विषय
ग्रुप के सदस्य कहते हैं कि किसी व्यक्ति का कलाकार होना भाग्य नहीं बल्कि सौभाग्य का विषय है या यूं कहें वह व्यक्ति अत्यंत सौभाग्यशाली है जिसने मानव जन्म पाने के साथ-साथ किसी कला विशेष का वरदान ईश्वर से प्राप्त किया हो। जैसा कि विदित है ईश्वर प्रदत्त कला के सन्दर्भ में मार्गदर्शित करना गुरु का कत्र्तव्य है, लेकिन कला एवं गुरु के साथ-साथ अपनी प्रतिभा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मंच एक अनिवार्य एवं आवश्यक माध्यम है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने विभिन्न विधाओं से जुड़ी नई प्रतिभाओं को मंच तक ले आने की सोच को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास संस्था के माध्यम से किया है।

ashish mishra Desk
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