कहीं वीरप्पन न बन जाए बबुली, जंगल के पत्तों में भी इस खूंखार डकैत की दहशत, अपहरण करने में माहिर

कहीं वीरप्पन न बन जाए बबुली, जंगल के पत्तों में भी इस खूंखार डकैत की दहशत, अपहरण करने में माहिर

Nitin Srivastva | Updated: 25 Jun 2018, 11:47:18 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बबुली भी अपहरण की वारदात को अंजाम देने में माहिर माना जाता है...

चित्रकूट. साढ़े पांच लाख के इनामी कुख्यात दस्यु सरगना बबुली कोल का ख़ात्मा खाकी और बीहड़ की फ़िजा के लिए जरुरी हो गया है। पाठा के बीहड़ में आने वाले दिनों में टाइगर रिजर्व पार्क बनने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है जिसको लेकर स्थानीय स्तर से लेकर शासन स्तर तक कवायद जारी है ऐसे में बीहड़ के शैतान निश्चित रूप से विकास कार्यों में अपनी दहशत की परछाई डालेंगे इसमें कोई संशय नहीं। वहीं यदि रिजर्व पार्क बन भी गया तो इन शैतानों के रहते सैलानियों की सुरक्षा का भी विशेष प्रबन्ध करना पड़ेगा। पुलिस प्रशासन को जो इतने बड़े और घने बीहड़ में पूरी तरह सम्भव नहीं। बबुली कहीं पाठा का वीरप्पन न बन जाए आने वाले दिनों जिसकी दहशत से जंगल में पत्ते भी नहीं हिलते थे। बबुली भी अपहरण की वारदात को अंजाम देने में माहिर माना जाता है तो ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि खौफ के साए में कितने दिन पाठा का टाइगर रिजर्व पार्क और सैलानी मजफूज रहेंगे।

 

बीहड़ में शैतान का आतंक

प्राकृतिक गहनों से सुसज्जित पाठा के बीहड़ों में डकैतों की चहलकदमी पिछले चार दशकों से अधिक समय से एक दाग के रूप में इन गहनों की सुंदरता में ग्रहण लगाती है। जिस दिन पूरी तरह से बीहड़ के शैतान अपने अंजाम तक पहुंचा दिए जाएंगे उस दिन विकास के कई दरवाजे अपने आप खुल जाएंगे और चैन की सांस ले सकेंगे बीहड़ के इलाके।

 

वीरप्पन बनने की राह पर बबुली

यूपी एमपी के सीमावर्ती इलाकों सहित पाठा के बीहड़ों को अपने खौफ के साए में अंगड़ाई लेने को मजबूर करने वाला कुख्यात दस्यु सरगना बबुली कोल किडनैपिंग की वारदात को अंजाम देने में अभी तक कई बार चर्चित हुआ है। अभी हाल ही में मध्य प्रदेश पुलिस ने बबुली के भाई सहित उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया था जिसमें खुलासा किया गया कि बबुली सतना के एक बड़े पान व्यापारी के अपहरण की योजना बना रहा था। गैंग को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए बबुली ने अभी तक आधा दर्जन से अधिक अपहरण की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है और मोटी रकम लेकर अपहर्ताओं को मुक्त किया है। बीहड़ में अवैध खनन और तेंदू पत्तों की तस्करी में भी बबुली की भूमिका महत्वपूर्ण होती है ऐसा विभागीय जिम्मेदारों और सूत्रों का भी कहना है।

 

खौफ के साए में रहेगा टाइगर रिजर्व पार्क

इधर कुछ दिनों से जनपद के पाठा क्षेत्र में स्थित रानीपुर वन्य जीव विहार को टाइगर रिजर्व पार्क के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है और उम्मीद है कि आने वाले दिनोंमें जल्द ही इस पर अमल भी शुरू हो जाएगा। इन सबके इतर उसी पाठा क्षेत्र में साढ़े पांच लाख का इनामी डकैत बबुली कोल, डेढ़ लाख का इनामी लवलेश कोल, 50 हजार का इनामी महेंद्र पासी, सवा लाख का इनामी डकैत गौरी यादव आराम से बेख़ौफ़ होकर विचरण कर रहा है और जब मन करता है इन डकैतों का विकास कार्यों में रंगदारी और अपहरण की वारदात को अंजाम दे दिया जाता है। टाइगर रिजर्व पार्क और वहां आने वाले सैलानियों की सुरक्षा पुलिस के लिए सिरदर्द साबित होगी यदि शैतानों को ठिकाने नहीं लगाया गया तो। बीहड़ के सूत्रों के मुताबिक बबुली को हर बाहरी दुनिया की गतिविधियों की जानकारी उसके खबरी देते रहते हैं।

 

पाठा के बीहड़ों में पर्यटन की असीम संभावनाएं

पाठा के बीहड़ों में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। सुंदर और घने जंगल दुर्लभ जीव जंतु पशु पक्षी से लेकर ऐतिहासिक शैल चित्र तक इन बीहड़ों की महत्ता पर्यटन की दृष्टि से बयां करते हैं लेकिन सिर्फ डकैतों के खौफ और सफेदपोशों की कुठाराघाति नीति के चलते पाठा आज तक विकास के पायदान से कोसों दूर है।

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