बारिश ने खोली पोल, दयनीय दशा में धर्मनगरी की सड़कें, मंत्री ने दिए हालत सुधारने के निर्देश

बारिश ने खोली पोल, दयनीय दशा में धर्मनगरी की सड़कें, मंत्री ने दिए हालत सुधारने के निर्देश

Ruchi Sharma | Publish: Sep, 02 2018 01:35:43 PM (IST) | Updated: Sep, 02 2018 03:38:34 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बारिश ने खोली पोल, दयनीय दशा में धर्मनगरी की सड़कें, मंत्री ने दिए हालत सुधारने के निर्देश

चित्रकूट. धर्मनगरी की सड़कों की दयनीय हालत इस समय चारों तरफ गर्म मुद्दे के रूप में सत्ताधारी भगवा ब्रिगेड को झुलसा रही है। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक भगवान राम की तपोस्थली की सड़कों की हालत चर्चा का विषय बनी हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग(मिर्जापुर झांसी) से लेकर जनपद के विभिन्न प्रमुख मार्गों की हालत ऐसी की हादसों का कब्जा कदम कदम पर है। थोड़ी सी असावधानी हुई नहीं कि दुर्घटना का शिकार होना निश्चित है। ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर तो और जुदा है। ये हालात तब हैं जब योगी सरकार धार्मिक शहरों नगरों को लेकर विकास की ताल ठोंकते नजर आती है।

मंत्री ने दिए हालत सुधारने के निर्देश

लगातार कई महीनों से धर्म नगरी चित्रकूट की सड़कें विकास की जमीनी हकीकत बयां करते नजर आ रही हैं। उस पर से बारिश के पोल खोल अभियान ने इस हकीकत का पोस्टमार्टम कर दिया है. सड़कों पर जानलेवा गड्ढे गड्ढा मुक्त दावों को आईना दिखा रहे हैं. शनिवार को इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक के उद्घाटन के मौके पर जनपद दौरे पर आए प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री एवम् जनपद के प्रभारी महेंद्र सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा सड़कों की हालत पर विभागीय अधिकारीयों से जवाब तलब किया। बैठक में चूंकि भाजपा विधायक भी शामिल थे और सड़क मार्गों की हालत के चलते जनता से लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में उनकी काफी खिंचाई हो रही है सो ग्राम्य विकास मंत्री ने अधिकारियों को अमावस्या(9) तक सड़कों की हालत सुधारने उनकी पैचिंग करने के निर्देश दिए।

हालात देखकर लक्ष्य असम्भव

धर्मनगरी की सड़कों के हालात देखकर यह कहा जा सकता है कि हाल फिलहाल दशा सुधारने का लक्ष्य प्राप्त करना असम्भव है। मुख्यालय के बेड़ी पुलिया से लेकर चित्रकूट तो बेहद खराब हालत है। उधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह जगह जानलेवा व् छोटे बड़े गड्ढे कड़ी मशक्कत की ओर इशारा कर रहे हैं. राजमार्ग से कटे कस्बाई व् ग्रामीण इलाकों की ओर जाने वाली सड़कें तो लुप्त होने की स्थिति में आ गई हैं। शुक्रवार से लगातार रुक रुक कर हो रही बारिश ने कोढ़ में खाज का काम किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।

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