डकैत बबुली कौल ने सपा नेता के बेटे को किया किडनैप, कहा - चुप रहो नहीं तो....

उनके चेहरे पर खौफ के निशान के साफ झलक रहे थे.

By: आकांक्षा सिंह

Published: 02 Aug 2017, 02:09 PM IST

चित्रकूट। उनके चेहरे पर खौफ के निशान के साफ झलक रहे थे. बोलते बोलते बीच में ही पसीने की बुंदे उनके माथों पर दहशत की तस्वीर बयां कर रही थीं. कई बार कुरेदने पर उन्होंने अपनी जिंदगी के उन खौफनाक पलों को सामने रखा जिसे याद कर वे सिहर उठते थे और सूनने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते थे. बात हो रही है खूंखार डकैत पांच लाख के इनामी दस्यु बबुली कोल की कैद से मुक्त हुए दो अपहर्ताओं की. गैंग के चंगुल से मुक्त होकर अपनों के बीच पहुंचे दोनों अपह्रत कुछ भी बोलने की स्थिति में तो नहीं थे लेकिन बहुत कुरेदने पर उन्होंने बीहड़ व् दस्यु गिरोह की हकीकत बयां की.

रविवार को खूंखार डकैत बबुली कोल ने गैंग के साथ जनपद के सपा नेता संतु सिंह के बेटे विजय व रेलवे कर्मचारी गेटमैन बलवंत का अपहरण कर सनसनी मचा दी थी. जनपद के बीहड़ में स्थित टिकरिया स्टेशन के पास इस वारदात को अंजाम दिया गया था. वारदात के बाद जिला स्तर से लेकर इलाहाबाद जोन तक के पुलिस महकमें में हड़कम्प मच गया. एडीजी इलाहाबाद जोन एसएन सावत डीआईजी चित्रकूटधाम रेंज ज्ञानेश्वर तिवारी व जनपद की  पुलिस फ़ोर्स घटना स्थल पर कैम्प करते गैंग तथा अपहर्ताओं की तलाश का प्रयास कर रहे थे. लगभग 60 घण्टे बाद मंगलवार को दोनों अपह्रत डकैतों की पकड़ से मुक्त होकर टिकरिया स्टेशन के पास पहुंचे और अपने परिजनों से मिले. अपहर्ताओं के सकुशल छूटने को लेकर ख़ाकी अपनी पीठ खुद थपथपा रही है कि उसके दबाव के चलते दोनों अपहर्ताओं को छोड़ा गया है वहीं क्षेत्रीय व् बीहड़ तथा अपहर्ताओं के परिजनों की दबी जुबान से डकैतों को फिरौती देने की बात कही जा रही है. इन सबके बीच डकैतों के चंगुल से मुक्त हुए दोनों अपह्रत विजय व् बलवंत ने बीहड़ व् डकैतों की दास्तां खौफ से लड़खड़ाते जुबान से कुछ यूँ बयां की..

डकैत बोलते थे चुप रहो नहीं तो....

दोनों अपह्रत विजय व् बलवंत ने बताया कि अपहरण करने के बाद गैंग उन्हें टिकरिया स्टेशन से काफी दूर जंगल में ले गया. लगभग 10 से 15 किलोमीटर गैंग उन्हें पैदल चलवाता रहा. इस दौरान दोनों के हांथों को गमछे से बांध दिया गया था. सोमवार सुबह उन्हें जिस घनघोर जंगल में किसी अज्ञात स्थान पर रखा गया था वहां दिन में भी अँधेरे जैसी स्थिति थी यानि बी मुश्किल सूरज की किरणें उस जंगल उस स्थान तक पहुंच पा रही थीं. खौफ की दास्तां बयां करते हुए अपहर्ताओं ने बताया कि 60 घण्टे के दौरान डकैतों ने उन्हें रोटी व् चटनी खाने के लिए दी और प्यास बुझाने के लिए चोहड़ों(गड्ढों) तथा पत्थरों के बीच बहने वाला पानी दिया जाता था. डकैत जब थोडा बहुत तक जाते थे तो रुक जाते और फिर कुछ देर बाद चलना शुरू कर देते. अपहरण के दौरान गैंग के दो सदस्य उनके इर्द गिर्द खड़े रहते और बोलते कि अगर कुछ बोला या आवाज किया तो सीधे गोली मार देंगे. जंगल में कई कई किलोमीटर पैदल चलने के अभ्यस्त हैं डकैत. अपहर्ताओं के मुताबिक जब डकैतों ने मंगलवार की देर रात किसी अज्ञात स्थान से छोड़ा तो गैंग ने उन्हें बस्ती तक पहुंचने का रास्ता बताया और कहा कि जहाँ लाइट जलती हुई दिखे उधर चलते जाना. दोनों अपह्रत जंगल से लगभग 10 से 15 किलोमीटर चलकर टिकरिया स्टेशन के पास पहुंचे जहाँ पुलिस व् परिजनों की मौजूदगी में उन्होंने खुली सांसे ली.

अत्याधुनिक हथियारों से लैस है गैंग

गिरोह की पकड़ से छूटे दोनों अपह्रत के मुताबिक गैंग में लगभग दर्जन भर से अधिक सदस्य हैं जो खतरनाक हथियारों से लैस हैं. अपहरण के दौरान गैंग के कई सदस्य खतरनाक हथियार लिए हुए थे. वहीँ पुलिस के मुताबिक भी दस्यु बबुली गैंग अत्याधुनिक खतरनाक हथियारों से लैस है. पुलिस के मुताबिक गैंग के पास 3 थर्टी कार्बाइन, 303 बोर राइफ़ल(3) 315 बोर राइफ़ल(2) दोनाली बंदूक(2) फैक्ट्री मेड शस्त्र(2) की संख्या में मौजूद हैं. बीहड़ के सूत्रों के मुताबिक गैंग के पास और आधुनिक हथियार आ गए हैं. दस्यु ददुआ ठोकिया बलखड़िया रागिया की मौत के बाद उनकी गैंग के अधिकांश हथियार बबुली कोल गैंग के पास पहुंच गए.

फिरौती देने की चर्चा

दस्यु गैंग से छूटकर आए दोनों अपहर्ताओं के परिजनों द्वारा गैंग को फिरौती देने की चर्चा दबी जुबान से जोरों पर है. अपहरण के बाद गैंग ने सपा नेता से फोन कर 50 लाख जबकि रेलवे कर्मचारी बलवंत के परिजनों से 5 लाख की फिरौती मांगी थी. सोमवार को गैंग ने दोनों अपहर्ताओं के परिजनों के पास फोन करते हुए फिरौती की रकम कम करने की बात कही और रूपये जल्द पहुंचाने की धमकी दी. मंगलवार देर रात दोनों अपह्रत छूट गए. इन सबके बीच फिरौती देने की बात व् चर्चा है क्षेत्र व् परिजनों में और सूत्रों के मुताबिक. दूसरी तरफ पुलिस अपहर्ताओं के छूटने को अपना दबाव बता रही है.

जंगल में कॉम्बिंग जारी

दस्यु बबुली की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पुलिस की कई टीमें मारकुंडी व बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के जंगलों में कॉम्बिंग कर रही हैं. घनघोर जंगलों में डकैतों की अपेक्षा पुलिस को चलने में कुछ परेशानी होती है लेकिन दस्यु गैंगों के सम्भावित ठिकानों डोडामाफ़ी टिकरिया ददरी बांधोगढ़ के जंगलों में पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रही है. डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी का कहना है कि गैंग सामने आएगा तो मारा जाएगा. पुलिस अपना काम कर रही है.

आकांक्षा सिंह
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