सलाखों के पीछे दहशत की साजिश रच रहा डकैत गोप्पा, सरगना के इशारे पर गैंग की चहलकदमी

पाठा के बीहड़ों में दहशत का साम्राज्य कायम कर चुके खूंखार इनामी डकैत भले ही पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गए हों या सलाखों के पीछे पहुंच गए हों।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 03 Nov 2017, 01:14 PM IST

चित्रकूट. पाठा के बीहड़ों में दहशत का साम्राज्य कायम कर चुके खूंखार इनामी डकैत भले ही पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गए हों या सलाखों के पीछे पहुंच गए हों लेकिन उनके सिपहसलार अभी भी गैंग को संचालित कर रहे हैं। दस्यु ददुआ से लेकर ठोकिया बलखड़िया रागिया जैसे कुख्यात डकैतों की मौत के बाद वर्तमान में खूंखार बबुली कोल पाठा के बीहड़ों में ख़ौफ की इबारत लिख रहा है तो वहीं एसटीएफ के हत्थे चढ़े एक लाख के इनामी डकैत रामगोपाल उर्फ़ गोप्पा का गैंग भी तराई इलाकों से लेकर बीहड़ के क्षेत्रों में चहलकदमी करते हुए ग्रामीणों के बीच दहशत कायम कर रहा है।

 

डकैत गोप्पा भले ही सलाखों के पीछे पहुंच गया हो परंतु बुद्धवार को बेख़ौफ़ अंदाज में जिस तरीके से खेत में बोरिंग करवा रहे किसान व उसके भतीजे को गोली मारी गई और इस घटना में किसान की मौत हो गई, इस वारदात के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में दस्यु गोप्पा गैंग की धमक साफ़ दिखाई देने लगी है और इलाके में लोग दहशत के साए में सांसे लेने को मजबूर हो गए हैं.वारदात में डकैत गोप्पा के भांजे 15 हजार के इनामी दस्यु राजा यादव का हाँथ होने की आशंका और काफी हद तक पुलिसिया तफ़्तीश में इस बात की पुष्टि होने से एक बार फिर इस गैंग ने ख़ाकी को खुली चुनौती दी है. किसान कैरा यादव की गोली मारकर हत्या यूँ ही नहीं की गई अलबत्ता जेल के अंदर बैठे दस्यु गोप्पा को वो बात नागवार गुजरी जिसको लेकर उसने कई बार मृतक किसान को चेतावनी दी थी और उसे मारा पीटा भी था. ख़ाकी की छानबीन में भी यह बात सामने आई है कि दस्यु गोप्पा को कुछ ऐसा बर्दाश्त नहीं हुआ और उसके इशारे पर गैंग ने मौत का खुनी खेल खेल डाला.

जनपद के पाठा क्षेत्र से लेकर तराई के इलाकों में दस्यु गिरोहों की चहलकदमी व् बेख़ौफ़ होकर मौत का खुनी खेल खेलने की दहशत भरी इबारत लिखने से इलाकों में ख़ौफ का साम्राज्य कायम है. खूंखार डकैत भले ही अपने अंजाम तक पहुंच गए हों परंतु उनके सिपहसालार उनके शागिर्द अभी भी क्षेत्र में अपनी आहट से ख़ाकी को खुला चैलेंज दे रहे हैं. दहशत की कुछ ऐसी ही कहानी फ़िर से लिखने की फ़िराक में है डकैत रामगोपाल यादव उर्फ़ गोप्पा गैंग. तीन महीने पहले एसटीएफ के हत्थे चढ़े एक लाख के इनामी डकैत गोप्पा की गैंग ने बुद्धवार को किसान की गोली मारकर हत्या कर दी, ताबड़तोड़ फायरिंग में मृतक किसान का भतीजा गम्भीर रूप से घायल हो गया जिसका इलाज इलाहाबाद में चल रहा है. वारदात के बाद पुलिस की तफ़्तीश में कुछ ऐसी वजहें सामने आ रही हैं जो इन खूंखार डकैतों की अय्याशियों की तरफ साफ़ इशारा करती हैं. दरअसल इस वारदात के पीछे दस्यु गोप्पा गैंग के वर्तमान सरगना 15 हजार के इनामी डकैत राजा यादव का हांथ बताया जा रहा है और यह काफी हद तक स्पष्ट भी हो चुका है.

प्रेमिका पर बुरी नजर बर्दाश्त नहीं कर पाया दस्यु गोप्पा

बुद्धवार को जनपद के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत महुलिया गांव में खेत में बोरिंग करवा रहे किसान कैरा यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. डकैतों की फायरिंग में मृतक किसान का भतीजा गम्भीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद पूरे इलाके सहित मृतक के परिजनों में ख़ौफ कायम हो गया है. वारदात के बाद ख़ाकी की तफ़्तीश में प्रथम दृष्टया जो बात सामने आई वो है दस्यु गोप्पा की प्रेमिका के घर मृतक किसान कैरा यादव का आना जाना. अपनी प्रेमिका पर किसी और की बुरी नजर रखना दस्यु गोप्पा को काफी पहले से अखरता था. इलाकाई सूत्रों के मुताबिक जब दस्यु गोप्पा पुलिस की पकड़ से दूर था तो उसने इस मामले को लेकर कई बार किसान कैरा को चेतावनी दी थी और मारा पीटा भी था. अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी का कहना है कि कैरा यादव की हत्या अवैध सम्बंधों के चलते हुई है और उसका(मृतक कैरा यादव) डकैत गोप्पा की प्रेमिका के घर आना जाना था.

सलाखों के पीछे से गैंग संचालित कर रहा गोप्पा

किसान को गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले गोप्पा गैंग की दहशत फ़िर एक बार अपनी बाहें फैला रही है. दहशतजदा ग्रामीणों का दबी जुबान से कहना है कि डकैत गोप्पा के जेल जाने के बाद उसके भांजे राजा यादव ने गैंग की कमान संभाल ली है और इलाके में वारदात कर दहशत कायम करना चाहता है. जिस कैरा यादव को गोली मारी गई उससे गोप्पा की पुरानी अदावत थी और गोप्पा के इशारे के बिना यह वारदात संभव नहीं थी. वर्तमान में गैंग में आधा दर्जन से अधिक सदस्य असलहों के साथ विचरण करते हैं. जिस गांव महुलिया में इस वारदात को अंजाम दिया गया है वहां लगभग चार महीने पहले दस्यु गोप्पा व् पुलिस के बीच दो बार मुठभेड़ हुई थी जिसको लेकर गोप्पा को कैरा यादव के ऊपर मुखबिरी का भी शक था.

दहशत के आगे मुंह खोलने को तैयार नहीं

घटना के बाद दहशत इतनी कि क्या गांव वाले और क्या मृतक के परिजन कोई भी मुंह खोलने को कुछ भी बोलने को तैयार नहीं. डर के साए में सांसे ले रहे मृतक कैरा के परिजनों के सामने अब रोजी रोटी का संकट है क्योंकि मृतक कैरा अपने घर में इकलौता था.

कैसे टूटेगा खूंखार दस्युओं का तिलिस्म

एक के बाद एक रक्तबीज की तरह बीहड़ों में पैदा होते पनपते खूंखार डकैतों का तिलिस्म कब टूटेगा यह यक्ष् प्रश्न बन चुका है. बीहड़ के शैतानों के शागिर्द उनकी गैंग को संभाल लेते हैं और फिर लिखने लगते हैं दहशत की इबारत. जेल के अंदर बंद डकैत गोप्पा द्वारा इस पूरी वारदात की साजिश रचने का स्पष्ट प्रमाण भले ही ख़ाकी के पास नहीं है परंतु पुलिस भी कहीं न कहीं इस बात से इत्तेफ़ाक रखती है कि वारदात को गोप्पा गैंग ने अंजाम दिया है.

बहरहाल दस्यु गिरोह की टोह में ख़ाकी की कई टीमें जंगलों में कॉम्बिंग करते हुए सर्च ऑपरेशन चला रही हैं परंतु इलाके में फिर एक बार दस्यु गोप्पा गैंग की दहशत कायम है इसमें भी कोई संशय नहीं.

आकांक्षा सिंह
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