खाकी की घेरेबंदी देख बीहड़ में बबुली ने ली पनाह, नवल और धोनी भी छिपे

दस्यु बबुली कोल ने एमपी पुलिस के कसते शिकंजे की वजह से दोनों राज्यों के सीमावर्ती बीहड़ में पनाह ले ली है।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 07 Feb 2018, 01:53 PM IST

Lucknow, Uttar Pradesh, India

चित्रकूट. खौफ का पर्याय बने साढ़े पांच लाख के इनामी कुख्यात दस्यु बबुली कोल ने एमपी पुलिस के कसते शिकंजे की वजह से दोनों राज्यों के सीमावर्ती बीहड़ में पनाह ले ली है। शनिवार को यूपी पुलिस से मुठभेड़ के बाद गैंग एमपी के जंगलों की ओर भागने की फ़िराक में था लेकिन उधर से भी खाकी के सक्रीय होने के चलते अब गैंग ने यूपी तथा एमपी के सीमावर्ती बीहड़ों को अपना ठिकाना बनाया है। सूत्रों के मुताबिक मारकुंडी थाना क्षेत्र के लखन पहाड़ी के आस पास डकैतों की चहलकदमी जारी है और इलाके में खौफ कायम है। उधर मध्य प्रदेश पुलिस के आला अधिकारीयों ने यूपी के पड़ोसी जनपद रीवा और सतना के पुलिस कप्तानों को फ्री हैण्ड कर दिया है डकैतों को ठिकाने लगाने के लिए। मध्य प्रदेश के डीजीपी ऋषि शुक्ला ने सतना पुलिस को एक कम्पनी एसएएफ (स्पेशल एक्शन फ़ोर्स) उपलब्ध करवाने का आश्वासन देते हुए किसी भी हालत में मध्य प्रदेश के बॉर्डर से दस्युओं के खात्में का निर्देश दिया है।


यूपी एमपी सीमा पर दहशत की इबारत लिख चुके खूंखार बबुली कोल ने पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश पुलिस की सीमावर्ती सक्रियता को देखकर यूपी के ही सीमावर्ती बीहड़ों में पनाह ले ली है। बीहड़ के सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक बबुली कोल ने गैंग के साथ मारकुंडी थाना क्षेत्र के लखन पहाड़ के आस पास डेरा डाल रखा है क्योंकि इस इलाके में उसकी दहशत और मददगारों की वजह से उसे जंगल में दैनिक जरूरतों के लिए जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती। दूसरी तरफ एमपी पुलिस ने अपने सीमावर्ती जंगलों में लगातार कॉम्बिंग जारी कर रखी है जिससे डकैतों का उधर भागने का इरादा फ़िलहाल फेल हो गया है।

सीमावर्ती इलाकों में खाकी की कॉम्बिंग

मध्य प्रदेश पुलिस डकैतों के मूवमेंट को देखते हुए सीमावर्ती शेजवार,भैरमबाबा, कोल्हुआ, नकैला, हनुमान धारा, मोहकमगढ़, टाटी घाट, थर पहाड़, पथरा पालदेव, सती अनुसुइया, भमरा आदि जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही है।

नवल और धोनी भी बदल रहे ठिकाना

50 हजार का इनामी दस्यु नवल धोबी और 80 हजार का इनामी डकैत महेंद्र पासी उर्फ़ धोनी भी अपना ठिकाना बदल रहे हैं। बीहड़ और पुलिस सूत्रों के मुताबिक महेंद्र पासी का मूवमेंट सीमावर्ती सतना के जंगलों में मिल रहा था लेकिन पुलिस द्वारा खुद को घेरने की सूचना पर महेंद्र पासी मानिकपुर के जंगलों की ओर लौट गया। नवल धोबी भी यूपी के बीहड़ों की ओर चला गया है साथ में उसकी प्रेमिका भी है, गैंग के अन्य सदस्य भी अलग अलग होकर आपसी संपर्क में हैं।

मुखबिर तंत्र मजबूत करने में लगी खाकी

डकैतों के खिलाफ पुख्ता रणनीति बनाने को लेकर पुलिस मुखबिर तंत्र को मजबूत बनाने में लगी है। सतना एसपी राजेश हिंगड़कर खुद सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में कैम्प करते हुए ग्रामीणों से सहयोग की।अपील कर रहे हैं। इधर चित्रकूट एसपी भी अपनी कई टीमों के साथ दस्यु प्रभावित इलाकों में कॉम्बिंग करते हुए सूचना तंत्र को पुख्ता बनाने की कवायद में लगे हैं। इन सबके बीच डकैतों के मुखबिर हाल फ़िलहाल खाकी से दो कदम आगे हैं।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned