घूमने आई महिला के साथ मंदिर के महंत सहित तीन लोगों किया घिनौना काम, एफआईआर दर्ज

धर्मनगरी की पवित्रता को कलंकित करते हुए एक मन्दिर के महंत सहित तीन लोगों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 11 Dec 2017, 12:25 PM IST

चित्रकूट. धर्मनगरी की पवित्रता को कलंकित करते हुए एक मन्दिर के महंत सहित तीन लोगों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया। मामले में पहले लीपापोती करने वाली ख़ाकी ने मामला मीडिया में उछलता देख महंत सहित तीनों आरोपियों के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। गौरतलब है कि इस मामले की जानकारी लेने गए मीडियाकर्मियों से कोतवाली प्रभारी ने बदसलूकी की थी और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया था। एफआईआर दर्ज होने पर आरोपी महंत ने भी अपनी सफ़ाई पेश की है और इसे विरोधियों की साजिश करार दिया है क्योंकि आरोपी महंत के अनुसार मन्दिर की महंती को लेकर विवाद चल रहा है जिसकी वजह से उसके खिलाफ साजिश रची गई है। हाल फ़िलहाल मामले की जांच ख़ाकी द्वारा शुरू कर दी गई है।

अपने पति व बच्चों के साथ तीर्थ क्षेत्र घूमने आई महोबा की एक महिला से एक मन्दिर के महंत सहित तीन लोगों द्वारा दुष्कर्म करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है और शुरू से इस मामले में जिस तरह से पुलिस की भूमिका देखने को मिली उससे इस पूरे मामले ने जमकर सुर्खियां बटोरी हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले जनपद के रामघाट के पास एक महिला ने तीन लोगों द्वारा दुष्कर्म करने की घटना का आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी थी। महिला के मुताबिक वह रामघाट पर गंगा आरती के दैरान घाट किनारे शौच क्रिया को गई तो उसके साथ तीन लोगों ने बारी बारी से दुष्कर्म किया और किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना को अंजाम देने वालों में बालाजी नाम के मन्दिर का महंत अर्जुन दास सहित तीन लोग शामिल थे।

 

मामले को लेकर पुलिस ने पहले की लीपापोती

पीड़ित महिला के मुताबिक उसने इस पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी और रिपोर्ट दर्ज करवाने सीतापुर चौकी गई जहां से उसे कर्वी कोतवाली जाने के लिए बोला गया। महिला के अनुसार कर्वी कोतवाली पहुंचने पर काफी देर तक उसकी सुनवाई नहीं हुई।

 

हंगामे पर ख़ाकी आई हरकत में

मामले की जानकारी होने पर जब कुछ मीडियाकर्मी कर्वी कोतवाली पहुंचे और उन्होंने पीड़ित महिला से पूरे मामले की जानकारी लेनी चाही तो वहां मौजूद कोतवाल कर्वी मनोज शुक्ला ने मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी कर डाली यहां तक कि एक न्यूज़ चैनल के संवाददाता का कैमरा और मोबाईल तक छीन लिया और उसके साथ मारपीट भी की। इस पूरे हंगामे की गूंज कुछ ही देर में जनपद से लेकर लखनऊ तक सुनाई देने लगी और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कर्वी कोतवाली पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की जानकारी ली। लखनऊ से भी एडीजी एलओ आनंद कुमार ने डीआईजी चित्रकूटधाम रेंज ज्ञानेश्वर तिवारी से 48 घण्टों के अंदर पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया।

 

दर्ज हुई एफआईआर, कोतवाल लाइन हाजिर

मीडिया में मामला उछलने व् लीपापोती तथा कोतवाल कर्वी द्वारा मीडियाकर्मियों से इस मामले को लेकर अभद्रता करने की खबर से ख़ाकी हरकत में आई और पीड़ित महिला की तहरीर पर दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई व् कोतवाल कर्वी रहे मनोज शुक्ला को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। वर्तमान कोतवाली कर्वी प्रभारी संतशरण ने बताया कि महिला की तहरीर पर खुद को चित्रकूट के बालाजी मन्दिर का महंत बताने वाले अर्जुन दास तथा उसके चेले भूपेंद्र दास सहित एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई लेकिन कोई नहीं मिला। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। तीनों पर महिला को धमकी देने की भी धारा लगाई गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें बनाई गई हैं।

 

महंत ने खुद को बताया निर्दोष

उधर उस पूरे मामले में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए आरोपी महंत ने खुद को निर्दोष बताया है। आरोपी महंत के मुताबिक उसके विरोधी महिला को आधार बनाकर उसके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। मन्दिर की महंती को लेकर विवाद चल रहा है। उसे फर्जी फंसाया जा रहा है।

आकांक्षा सिंह
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