इन मुद्दों पर किसानों में उबाल, महापंचायत कर सरकार को दी चेतावनी

किसानों ने आरोप लगाया कि सिर्फ कागजों में सरकार की गौशालाएं व पशु आश्रय स्थल बन रहे हैं हकीकत में सब हवा हवाई है.

By: Hariom Dwivedi

Updated: 10 Jan 2019, 05:48 PM IST

Chitrakoot, Chitrakoot, Uttar Pradesh, India

चित्रकूट. अन्ना प्रथा सिंचाई समस्या कर्ज माफ़ी जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे किसानों ने केंद्र व प्रदेश सरकार को कोसते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई कदम समस्याओं के समाधान हेतु नहीं उठाया गया तो अन्नदाता बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आयोजित किसान सावधान महापंचायत में किसान नेताओं ने वर्तमान से लेकर पिछली सभी सरकारों को आड़े हांथों लेते हुए किसानों को ठगने का आरोप लगाया. महापंचायत में बुन्देलखण्ड की इस समय सबसे बड़ी समस्या बन चुकी अन्ना प्रथा पर लगाम लगाने और समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाने की मांग की गई. किसानों ने आरोप लगाया कि सिर्फ कागजों में सरकार की गौशालाएं व पशु आश्रय स्थल बन रहे हैं हकीकत में सब हवा हवाई है.

महापंचायत में अन्नदाताओं की हुंकार
जनपद के मऊ विकासखण्ड में भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित किसान सावधान महापंचायत में किसानों ने हुंकार भरी कि सभी पार्टियों की सरकारों ने किसानों को ठगने का काम किया है और वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार भी यही कर रही है. अभी तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश नहीं लागू की गई है. कर्जमाफी हेतु लघु सीमांत व वृहद सीमांकन के द्वारा किसानों को आपस में लड़ाया जा रहा है. सिर्फ वोटबैंक का जरिया बनकर रह गए हैं किसान. महापंचायत में किसानों ने सरकार को चेताया कि यदि जल्द कोई ठोस कदम न उठाया गया तो आने वाले दिनों में किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे. सरकारों की गलत नीतियों के कारण आज किसानों को गुलामी की ओर ढकेला जा रहा है. अन्नदाता आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है. जिलाध्यक्ष भाकियू राम सिंह पटेल ने कहा कि अगड़ों पिछड़ों सबकी सरकारें देख ली किसानों ने लेकिन आज भी हम जहां के तहां खड़े हैं. कोई सुनवाई नहीं हो रही किसानों की. अन्ना प्रथा पर सिर्फ बातें हो रही हैं काम कुछ नहीं.

की गई विभिन्न मांगें
अन्ना प्रथा से निजात दिलाए जाने सहित किसान पेंशन योजना, सूखा राहत, पात्र गृहस्थी योजना का लाभ, जल प्रदूषण रोकने हेतु यमुना नदी में मछली का ठेका बंद किए जाने, कर्जमाफी में लघु व सीमांत किसानों का दायरा बढ़ाए जाने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर किसानों की महापंचायत आयोजित की गई थी. अन्ना प्रथा से जूझ रहे किसानों का कहना था कि रात रात भर जाग कर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है.

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