चैत्र अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई मंदाकिनी में डुबकी, किया दान-पुण्य

नवसवंत्सर (हिन्दू नववर्ष या भारतीय नववर्ष) का आगाज और चैत्र अमावस्या के अवसर पर धर्मिक नगरी भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में आस्था की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

चित्रकूट. नवसवंत्सर (हिन्दू नववर्ष या भारतीय नववर्ष) का आगाज और चैत्र अमावस्या के अवसर पर धर्मिक नगरी भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में आस्था की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बुंदेलखंड के चित्रकूट में यूं तो हर अमावस्या पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है, लेकिन कुछ खास मौकों जैसे दीपावली अमावस्या, सोमवती अमावस्या, माघ महीने की अमावस्या व चैत्र अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। पवित्र मंदाकिनी नदी में स्नान कर कामतानाथ भगवान (पर्वत) की परिक्रमा करने के लिए धार्मिक नगरी में उमड़ पड़ता है। चैत्र अमावस्या (28 मार्च) के अवसर पर पूरे बुंदेलखंड से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्यलाभ कमाया। 


अमावस्या पर रेल प्रशासन की ओर से जहां दो मेला स्पेशल ट्रेन झांसी व कानपुर से चलाई गई थीं, वहीं परिवहन विभाग की तरफ  से भी चित्रकूट, बांदा सहित पूरे बुंदेलखण्ड व आसपास के जिलों इलाहाबाद, कौशाम्बी, फहतेहपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़ से लगभग 120 बसें मेले में सुचारू रूप से आवागमन के लिए लगाई गई थीं। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। 

भक्तों का उमड़ा सैलाब
मंदाकिनी नदी में अलसुबह से ही भक्तों ने स्नान शुरू कर दिया था। इसके बाद भक्तों ने कामतानाथ भगवान की परिक्रमा की। जिला प्रशासन के अनुमान के मुताबिक एक से डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में चैत्र अमावस्या पर श्रद्धालुओं के सैलाब ने पवित्र मंदाकिनी नदी में स्नान-दान कर कामतानाथ पर्वत की परिक्रमा लगाई। पूरे बुन्देलखण्ड सहित मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से आए भक्तों ने भी स्नान व पूजन कर दान किया। 

परिक्रमा का काफी है महत्व
बुंदेलखंड में अमावस्या पर चित्रकूट जाकर मंदाकिनी नदी में स्नान व कामतानाथ पर्वत की परिक्रमा का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि अपने वनवास के लगभग साढ़े ग्यारह साल चित्रकूट प्रवास के दौरान भगवान राम मंदाकिनी नदी में अमावस्या पर स्नान कर कामतानाथ पर्वत की परिक्रमा लगाते थे। इस बात का उल्लेख कई धार्मिक ग्रंथों में भी है। इस धार्मिक अवसर पर रेल प्रशासन ने झांसी व कानपुर से दो मेला स्पेशल ट्रेनों  का संचालन तथा कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव चित्रकूट स्टेशन पर किया। परिवहन विभाग की ओर से भी पूरे बुन्देलखंड सहित मध्य प्रदेश के सतना, रीवा व चित्रकूट के पड़ोसी जनपदों से लगभग 120 बसों का संचालन यात्रियों की सुविधा के लिए किया गया था। स

सुरक्षा व्यवस्था थी सख्त
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। अवांछनीय तथा अराजकतत्वों पर नजर के लिए रामघाट को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया। हर संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की जा रही थी।  मध्य प्रदेश पुलिस (सतना) के लगभग 800 जवान भी दोनों राज्यों में पडऩे वाले मेला स्थल पर तैनात किए गए थे।  
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shatrughan gupta
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