खूंखार डकैत शारदा कोल से पुलिस मुठभेड़ की होगी मजिस्ट्रेटी जांच, दर्ज होंगे बयान

Nitin Srivastava

Publish: Sep, 17 2017 02:19:17 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
खूंखार डकैत शारदा कोल से पुलिस मुठभेड़ की होगी मजिस्ट्रेटी जांच, दर्ज होंगे बयान

जांच शुरू भी हो गई है और 30 सितम्बर तक कोई भी साक्ष्य या बयान एसडीएम सदर के यहां दर्ज कराया जा सकता है।

चित्रकूट. पुलिस के लिए चुनौती बने खूंखार डकैत बबुली कोल गैंग के हार्डकोर मेंबर की पुलिस मुठभेड़ में मौत की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। जांच शुरू भी हो गई है और 30 सितम्बर तक सबंधित घटना के विषय में कोई भी साक्ष्य या बयान एसडीएम सदर के यहां दर्ज कराया जा सकता है। मुठभेड़ इसी माह की 3 तारीख को मानिकपुर थाना क्षेत्र के मरवडिया जंगल में हुई थी जिसमें दस्यु बबुली का ख़ास सिपहसलार खूंखार डकैत 12 हजार का इनामी शारदा कोल ढेर हो गया था जबकि एक अन्य डकैत किशोरा गिरफ्तार हुआ था। पिछले महीने अगस्त की 24 तारीख को पुलिस व बबुली कोल गैंग से हुई भीषण मुठभेड़ में दस्यु शारदा कोल ने एसआई जेपी सिंह को निशाना बनाते हुए गोलियों से छलनी कर दिया था। शारदा डकैत बबुली का दाहिना हांथ माना जाता था और पूरे गैंग में सबसे अचूक निशानेबाजी में उसका सिक्का चलता था। अगस्त में मुठभेड़ के बाद गैंग को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में डकैत शारदा की अहम भूमिका थी। शारदा कोल खतरनाक हथियारों को चलाने में माहिर माना जाता था और कभी बीहड़ में खौफ का दूसरा नाम डकैत ददुआ की गैंग में चेला बनकर रहता था, लेकिन उसकी आपराधिक प्रवृत्ति और हथियारों के शौक ने उसे खूंखार डकैत बना दिया जिसका अंत इसी महीने की 3 तारीख को पुलिस मुठभेड़ में हो गया। 


ख़ाकी के लिए खुली चुनौती बनकर जख़्म देने वाले खूंखार डकैत बबुली कोल के दाहिने हाँथ डकैत शारदा कोल की पुलिस मुठभेड़ की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। घटना से सम्बंधित किसी भी साक्ष्य व् बयान के लिए 30 सितम्बर तक का समय निर्धारित किया गया है। शारदा कोल 3 सितम्बर 2017 को मानिकपुर थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया था। दस्यु बबुली कोल के साथ हर बड़ी वारदातों में साए की तरह साथ रहे इस कुख्यात डकैत को मारकर ने पुलिस ने अपने शहीद जाबांज एसआई जेपी सिंह की शहादत के बदले के रूप में अपनी इस कामयाबी को दर्शाया था। मजिस्ट्रेटी जांच के बारे में एसडीएम सदर(कर्वी) नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी के आदेशानुसार मुठभेड़ की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू की गई है। एसडीएम के मुताबिक 3 सितम्बर को हुई पुलिस व् बबुली कोल गैंग की मुठभेड़ में 12 हजार का इनामी डकैत शारदा कोल मारा गया था। इस मुठभेड़ को लेकर थाना मानिकपुर में मुकदमा मृतक डकैत शारदा कोल व् दस्यु बबुली कोल और लवलेश कोल तथा अन्य बदमाश नाम पता अज्ञात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया है जिसकी मजिस्ट्रेटी जाँच की जा रही है। एसडीएम ने बताया कि मामले से सम्बंधित किसी भी तरह के साक्ष्य व् बयान 30 सितम्बर तक दर्ज कराए जा सकते हैं और इन साक्ष्यों बयानों को दर्ज कराने वालों के नाम गुप्त रखे जाएंगे। 


हार्डकोर मेंबर था शारदा

कुख्यात डकैत शारदा कोल दस्यु बबुली गिरोह का हार्डकोर मेंबर था और अचूक निशानेबाज भी। कुख्यात डकैत ददुआ की गैंग में रहकर डकैतों से जुर्म का ककहरा सीखने वाले शारदा की हथियारों के प्रति रूचि देखकर दस्यु ददुआ ने उसे हथियार चलाना सिखाया और बीहड़ की दुनिया से वाकिफ भी कराया। ददुआ की मौत के बाद ठोकिया बलखड़िया की गैंग मे रहकर खूंखार शैतान बनने का सपना पाले इस डकैत ने इन दोनों दस्युओं की मौत के बाद बबुली कोल के साथ बीहड़ की दुनिया में नया गैंग बना लिया और बबुली को अपना आका मानते हुए उसके साथ कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। निशानेबाजी में अव्वल डकैत शारदा पूरी गैंग की रींढ़ माना जाता था और खूंखार भी। खतरनाक हथियारों को चलाना उसके बाएं हांथ का खेल था। 3 सितम्बर को पुलिस मुठभेड़ में यह कुख्यात डकैत मारा गया।

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