इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलिए जरा संभल कर, आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, बन रहा हादसों का मार्ग

इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलिए जरा संभल कर, आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, बन रहा हादसों का मार्ग

Abhishek Gupta | Publish: Feb, 14 2018 10:43:23 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

आए दिन हो रहीं छोटी बड़ी दुर्घटनाएं लोगों की जिंदगियों पर भारी पड़ रही हैं।

चित्रकूट. जनपद का मिर्जापुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग हादसों का मार्ग बनता जा रहा है। आए दिन हो रहीं छोटी बड़ी दुर्घटनाएं लोगों की जिंदगियों पर भारी पड़ रही हैं। ऐसी ही एक दुर्घटना में दो बाइकों की आमने सामने हुई भिड़ंत में सात लोग घायल हो गए तो वहीँ एक तेज रफ़्तार बोलेरो के पलटने से एक महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई। ऐसा नहीं कि ये कोई कभार होने वाली दुर्घटनाएं हैं बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर चित्रकूट से लेकर बांदा तक तेज रफ़्तार अनियंत्रित वाहन भीषण हादसों का सबब बनते हैं। रात में तो और दिक्कतें होती हैं वाहन चालकों को। हादसों का जो सबसे प्रमुख कारण है वह है तेज रफ़्तार। सवारी वाहनों से लेकर प्राइवेट वाहन चालक तथा बाइक सवार राजमार्ग पर हवा से बातें करते हुए निकलते हैं और उसकी परिणीति होती है भीषण दुर्घटनाओं के द्वारा।

जनपद के राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन होने वाले हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। ट्रक बाइक सवारी वाहनों से हो रही दुर्घटनाएं लोगों का जीवन संकट में डाल रही हैं। जनपद के कर्वी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस लाइन के पास दो बाइकों की आमने सामने हुई जबरदस्त टक्कर में सात लोग घायल हो गए। गम्भीर रूप से घायल एक किशोर राज दिवाकर(11) को इलाहाबाद रिफर कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ एक अन्य सड़क हादसे में तेज रफ़्तार अनियंत्रित बोलेरो के पलटने से एक महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई।

आए दिन होते हैं हादसे

राजमार्ग पर तेज वाहनों की रफ़्तार सबसे ज्यादा हादसों का सबब बनती है. जल्दी पहुंचने के चक्कर में चौड़ी सड़कों पर बेतरतीब तरीके से हवा में लहराते बाइक सवार खुद तो अपनी परवाह नहीं करते और न ही सामने वाले की. वहीं छोटे बड़े चार पहिया वाहन भी तेज गति से फर्राटा भरते हुए सड़क का किंग बनने की कोशिश करते हैं. मुख्यालय से लेकर राजमार्ग के गुजरने वाले कई इलाकों में होने वाकई दुर्घटनाएं घरों की खुशियों को ग्रहण लगा रही हैं.

रात में होती है अत्यधिक परेशानी

जनपद से गुजरे मिर्जापुर झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात्रि के समय वाहन चालकों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी उन्हें भारी पड़ती है. बस्तियों के बीच से भी बड़े वाहन स्पीड से निकलते हैं. जरा सी असावधानी किसी की भी जीवनलीला समाप्त कर सकती है.

कम उम्र में हाथों में वाहन-

इस समय बोर्ड परीक्षा का दौर चल रहा है और ऐसे में हाईस्कूल इंटरमीडिएट के अधिकांश परीक्षार्थी अपने निजी वाहनों यानी बाइकों से आवागमन कर रहे हैं. नई उम्र के ये बाइक सवार तेज रफ़्तार में फर्राटा भरते हवा से बातें करते हुए निकल जाते हैं. अभी हफ्ते भर पहले इसी तरह की दुर्घटना पड़ोसी जनपद बांदा में हुई थी जहां बोर्ड परीक्षा देकर बाइक से घर लौट रहे तीन परीक्षार्थियों की बाइक से हुई दुर्घटना में मौत हो गई थी. अभिभावक भी कम उम्र के अपने घर के चिरागों को वाहन देने में संकोच नहीं करते और पुलिस प्रशासन का क्या उसका तो अभियान समय समय पर चलता ही है।

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