चिंगारी ने लगाई आग, धूं-धूं कर जल गए पांच दर्जन से अधिक घर

जनपद के राजापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दलित बाहुल्य गांव कुसेली में कूड़े के ढेर से निकली चिंगारी ने मंगलवार को लगभग पांच दर्जन से अधिक घरों को अपनी चपेट में लेते हुए जलाकर खाक कर दिया।

By: shatrughan gupta

Published: 28 Mar 2017, 11:29 PM IST

चित्रकूट. जनपद के राजापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दलित बाहुल्य गांव कुसेली में कूड़े के ढेर से निकली चिंगारी ने मंगलवार को लगभग पांच दर्जन से अधिक घरों को अपनी चपेट में लेते हुए जलाकर खाक कर दिया। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत की, पर कुछ हाथ नहीं लगा। अब ग्रामीणों की आंखों में बस आंसू है। कई पीडि़तों के यहां अप्रैल महीने में शादी भी है, परंतु अब सबकुछ तबाह हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अफसरों ने पीडि़तों को आर्थिक मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। तीन दिन के अंदर जनपद में आग की ये दूसरी बड़ी घटना है। इस बार आग का ये कहर दलित बस्ती पर बरपा, जिसने सब कुछ खाक कर दिया। 

Kuseli village
जानकारी के मुताबिक जनपद के राजापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दलित बाहुल्य गांव कुसेली में मंगलवार दोपहर में गांव की चंदा देवी के घर के पीछे एकत्र कूड़े के ढेर से निकली चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने आस पास के दर्जनों घरों को अपनी आगोश में ले लिया। घटना में घर के अंदर रखी गृहस्थी, अनाज, कागजात सबकुछ जलकर खाक हो गए। गनीमत रही कि जिस समय आग का रौद्र रूप का खेल जारी था, उस समय अधिकांश ग्रामीण खेतों पर काम करने गए थे। ऊंची उठती आग की लपटों पर जब ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्होंने दौड़कर हैंडपम्प आदि से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। दमकल गाड़ी को सूचना दी गई। सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक आग काफी विकराल हो चुका था। फायरब्रिगेड ने ग्रामीणों की सहायता से आग पर पूरी तरह काबू पाया। तब तक सभी घर जलकर नष्ट हो चुके थे। आग से लगभग 50 लाख की सम्पत्ति की हानि का अनुमान लगाया गया है।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

Kuseli village
पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया तो वहीं समाजसेवियों ने भी पीडि़तों को मदद का भरोसा दिलाया। रज्जन नाम के पीडि़त व्यक्ति की बेटी की शादी अप्रैल में है, लेकिन आग ने उसकी मेहनत पर पानी फेरते हुए बेटी की शादी धूमधाम से करने के उसके सपने को जलाकर राख कर दिया। पीडि़तों के सामने सबसे ज्यादा संकट सिर छुपाने को है। अभी तो हाल फिलहाल उन्हें खुले आसमान के नीचे बसेरा करना होगा। देखना है कि कब हुक्मरानों की नजरें इनायत कब होती हैं। 
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