NTPC हादसे पर सबसे बड़ा खुलासा, CO ने कहा ये नरसंहार है, खोले चौकाने वाले रहस्य

इस दिल दहला देने वाली घटना से द्रवित सीओ ने एनटीपीसी के सुरक्षा प्रबन्धों की पोल खोल कर रख दी है और सीधे तौर पर इसे नरसंहार बताया है।

By: Abhishek Gupta

Published: 10 Nov 2017, 08:30 PM IST

चित्रकूट. पूरे देश को हिला देने वाले रायबरेली के ऊंचाहार में स्थित एनटीपीसी के हादसे ने सुरक्षा से सम्बंधित कई परतें खोल दी हैं जिनको लेकर अभी तक जाँच की आंच सुलग रही है। इस बीच एक सीओ के खुलासे ने इस पावर प्लांट में किस तरह सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई उसकी बानगी बयां की है। खुलासा करने वाले सीओ ने इसे अपने शब्दों में हादसा नहीं नरसंहार करार दिया है और ठोस कारणों तथा तर्कों के साथ एनटीपीसी प्रबन्धन को कटघरे में खड़ा करते हुए सवालिया निशान लगाए हैं। जनपद के मऊ थाने में तैनात सीओ एनटीपीसी के उसी ऊंचाहार प्लांट में 6 वर्ष डिप्टी मैनेजर रहे जहां विगत 1 नवम्बर को भयावाह हादसे ने मौके पर ही दो दर्जन से अधिक मजदूरों को मौत की आगोश में पहुंचा दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना से द्रवित सीओ ने सोशल मीडिया के माध्यम से एनटीपीसी के सुरक्षा प्रबन्धों की पोल खोल कर रख दी है और सीधे तौर पर इसे नरसंहार बताया है।

चित्रकूट के मऊ थाने में तैनात सीओ विनीत सिंह ने 1 नवम्बर को ऊंचाहार में हुए एनटीपीसी हादसे पर बड़ा खुलासा करते हुए हड़कम्प मचा दिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फ़ेसबुक पेज पर हादसे के मुख्य कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात कही है। बतौर डिप्टी मैनेजर 2008 से 2014 तक एनटीपीसी ऊंचाहार में तैनात सीओ विनीत सिंह इस पावर प्लांट की रग रग से वाकिफ़ हैं। एनटीपीसी में काम करने के दौरान तकनीकी सुरक्षा को नजर अंदाज किया गया। सीओ विनीत सिंह ने कई पहलुओं पर खुलासा करते हुए बताया है कि किस तरह तकनीकी सुरक्षा के मापदंडों को नजरअंदाज किया गया।

कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया है कि ऐश पाइप की ठीक तरीके से कमीशनिंग किए बिना 500 मेगावाट यूनिट को बांकी यूनिट की ऐश पाइप के सहारे चलाया गया ताकि यूनिट को वित्तीय वर्ष 2016-17 में उपलब्धि के तौर पर दिखाया जा सके। 8 मीटर से 18 मीटर तक क्लींकर जमा होने पर क्यों वॉटर जेटिंग (पानी की बौछार) की गई और यूनिट को बंद क्यों नहीं किया गया? सीओ ने ऐसी तमाम तकनीकी खामियों का जिक्र करते हुए बताया है कि जिस दिन यह हादसा हुआ उसी दिन एनटीपीसी के नए डायरेक्टर प्रकाश तिवारी चार्ज ले रहे थे और ये सब उनको खुश करने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से किया गया था।

भर्तियां की गई थी बंद-

सीओ विनीत सिंह के मुताबिक प्लांट ने टेक्निकल और सुपरवाइज़र की नियमित भर्तियां बंद कर दी हैं और सारे काम ठेके पर चल रहे हैं। सही तकनीकी जानकारों के अभाव में खामियां नहीं पता चलीं और इतना दर्दनाक हादसा हो गया। ठेके पर काम कर रहे मजदूरों व तकनीकी जानकारों को उतनी जानकारी कहाँ होती है।

ऊंचाहार से है गहरा नाता-

सीओ विनीत सिंह ने बताया कि उन्होंने बतौर डिप्टी मैनेजर एनटीपीसी के ऊंचाहार प्लांट में नौकरी की है। पुलिस में आने से पहले और उनकी पहली तैनाती भी डलमऊ सर्किल में थी जिसके अंतर्गत ऊंचाहार एनटीपीसी प्लांट आता था। क्योंकि वे इस प्लांट में तैनात रह चुके हैं, इसलिए इस हादसे ने उन्हें झकझोर दिया है। सीओ के मुताबिक जाँच सही तरीके से होनी चाहिए नहीं तो रिपोर्ट में लीपापोती हो जाती है। सीओ ने लिखा है कि उन्हें एनटीपीसी के पूर्व डिप्टी मैनेजर होने में भी इस हादसे के बाद शर्म आ रही है।

Abhishek Gupta
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