जनता कर्फ्यू: सन्नाटे की चादर में चहलकदमी अदृश्य दानव से लड़ने को तैयार

सिर्फ शहरी व कस्बाई ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना दानव से लड़ने की इच्छाशक्ति दिख रही है

चित्रकूट: कोरोना वायरस से निपटने हेतु हिंदुस्तान की जंग शुरू हो चुकी है जिसका पहला चरण है"जनता कर्फ्यू". सूरज की पहली किरण के साथ कर्फ्यू का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. सिर्फ शहरी व कस्बाई ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना दानव से लड़ने की इच्छाशक्ति दिख रही है. शहरों की अपेक्षा गांवों में जहां आम दिनों में सुबह की पौ फटते ही लोगों की चहलकदमी शुरू हो जाती है वहां आज 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के सन्नाटे की आहट सुनाई पड़ रही है. जनपद मुख्यालय सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम मोदी के इस आह्वान का असर दिख रहा है. मंडल के बांदा हमीरपुर व महोबा जनपद में भी सुबह की पहली किरण का यही दृश्य है.


कर्फ्यू का व्यापक असर

"हारेगा कोरोना" कुछ ऐसा ही ध्येय लेकर इस अदृश्य दानव से निपटने के लिए समाज काफी हद तक एक्टिव मोड में नजर आ रहा है. क्या शहर क्या कस्बे और क्या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह जनता कर्फ्यू का व्यापक असर दिख रहा है. बात अगर शहरी इलाके कि की जाए तो मॉर्निंग वॉक पर न के बराबर लोग निकले. न्यूज पेपर दूध आदि लेने के लिए भले ही सड़कों पर आंशिक रूप से लोग देखे जा सकते हैं. दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनता कर्फ्यू को लेकर जागरूकता नजर आ रही है. आम दिनों में सजने वाली गांव की चौपालें स्थगित आज स्थगित हैं. इलाकों के जागरूक युवा लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं कि आज शहर की ओर न जाएं और खुद भी इस अभियान में सहभागी बनें.

धार्मिक स्थानों पर भी न के बराबर चहलकदमी


जनपद के धार्मिक स्थानों पर भी न के बराबर चहलकदमी है. रामघाट स्थित पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाने वालों की संख्या भी दशांश है. भगवान कामदगिरि परिक्रमा मार्ग भी सन्नाटे की आगोश में नजर आ रहा है. मंदिर पहले ही बन्द हो चुका है. चित्रकूट धाम मंडल के बांदा महोबा व हमीरपुर जनपद का भी लगभग यही दृश्य है सुबह का जनता कर्फ्यू को लेकर. कोरोना से लड़ने को हर वर्ग तबके के लोग तैयार दिख रहे हैं.

आकांक्षा सिंह
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