बारिश का कहर, कहीं दलदल तो कहीं जलभराव

Akanksha Singh

Publish: Sep, 07 2018 02:40:01 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India

चित्रकूट. जिले के ग्रामीण इलाकों के हालात इस समय ऐसे हैं कि गांवों में प्रवेश करने पर कई बार सोचना पड़ता है। चित्रकूट के ग्रामीण इलाकों की जिनकी दयनीय दशा हुक्मरानों के दावों को कटघरे में खड़ा करती है और साथ ही नौकरशाही के सिस्टम को भी लपेटे में लेती है।

कहीं दलदल तो कहीं जलभराव
जनपद के ग्रामीण इलाकों में इस समय दलदल कीचड़ जलभराव गंदगी का वो साम्राज्य है जिसमें विकास का पहिया धंसा हुआ नजर आता है। जनपद के चारों ब्लॉकों (कर्वी पहाड़ी मानिकपुर मऊ) के लगभग सभी ग्रामीण इलाकों की हालात दयनीय है। बच्चों को कीचड़ व जलभराव से होकर स्कूल तक पहुंचना पड़ रहा है कई इलाकों में तो वहीँ गांव तक जाने और अंदर(गांव के) के मार्ग इतनी खराब हालत में हैं कि तस्वीरों को देखकर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।


स्कूली बच्चों को सबसे ज़्यादा दिक्कत
ग्रामीण इलाकों की इस दयनीय दशा से सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं स्कूली बच्चे। पढ़ाई का जज्बा लेकर जो छात्र विद्यालय जाना चाहते हैं उन्हें कठिन डगर से गुजरना पड़ता है। उदाहरण के तौर चारों ब्लॉकों के अधिकांश ग्रामीण इलाकों की हालत कमोबेश एक जैसी है। दलदल के बीच छात्रों को विद्यालय तक पहुंचना पड़ता है। पहाड़ी के बकटा बुजुर्ग चकजाफर मऊ के अहिरी भौंरी के भुइहरी माफी गांव आदि की तस्वीरें विकास की हकीकत बयां करती हैं।

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