अयोध्या विवाद: श्री श्री रविशंकर को एक और बड़ा झटका, अब इस धर्म गुरु ने खोला मोर्चा

अयोध्या विवाद: श्री श्री रविशंकर को एक और बड़ा झटका, अब इस धर्म गुरु ने खोला मोर्चा
Ram Bhadracharya

Shatrudhan Gupta | Updated: 17 Nov 2017, 04:58:06 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

श्री श्री रविशंकर द्वारा राम मंदिर को लेकर किए जा रहे प्रयास को सीएम योगी, रामविलास वेदांती के बाद एक और धर्म गुरु ने झटका दिया है।

चित्रकूट. आध्यात्मिक गुरु व आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर द्वारा राम मंदिर निर्माण को लेकर किए जा रहे प्रयास को सीएम योगी आदित्यनाथ , पूर्व सांसद रामविलास वेदांती के बाद एक और धर्म गुरु ने उन्हें झटका दिया है।

अयोध्या राम मंदिर विवाद और निर्माण पर बयानबाजी का दौर दोनों पक्षकारों (हिंदू-मुस्लिम) की तरफ से तब से ज्यादा तेज हो गया है, जब से इस विवाद को सुलझाने की पहल आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने की है। विगत तीन दिनों से उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों से लेकर साधू-संतों की मंडलियों में इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि जब मामला अदालत में है तो बातचीत करने के लिए श्री श्री कैसे और क्यों आगे आएं? इन सबके बीच प्रभु श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट से भी एक चौंकाने वाला बयान आया है। जगद्गुरु पदम् विभूषण स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा है कि श्री श्री रविशंकर को किसने अधिकार दिया या किसने अधिकृत किया कि वे इस मामले पर बातचीत करने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर तो बनेगा ही और बहुत जल्द इसकी सुनवाई न्यायालय में पूरी होगी।

श्री श्री रविशंकर को किसने अधिकार दिया

अयोध्या विवाद पर श्री श्री रविशंकर की सुलह समझौते की कोशिश और बयानबाजी की तपिश भगवान श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट भी पहुंच गई है। अब श्री श्री पर पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने हमला बोला है। साधनारत जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने बीच में समय निकालते हुए मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि श्री श्री रविशंकर को किसने अधिकार दिया या किसने अधिकृत किया कि वे राम मंदिर मामले में मध्यस्थता करें। हमने न न्यास ने और न ही सरकार न, वे अपने से कूद पड़े इस मामले में। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि जो अधिकृत हैं, वो बात कर रहे हैं। न्यायालय में इसकी सुनवाई चल रही है और उम्मीद है कि बहुत जल्द सुनवाई पूरी होगी।

भव्य राम मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होगा

रामभद्राचार्य ने कहा कि मुसलमान मानें तब तो ठीक है, नहीं तो जून तक मामले की सुनवाई पूरी हो जाएगी। सब कुछ हमारे पक्ष में ह। मुसलमान मस्जिद का निर्माण 84 कोस परिक्रमा के बाहर कर सकते हैं। यदि बहुत जिद्द की जाती है तो सरयू के पार जमीन दे दी जाएगी मस्जिद के लिए, लेकिन बाबर के नाम से मस्जिद नहीं बनेगी। रामभद्राचार्य ने कहा कि श्री श्री रविशंकर मेरे छोटे भाई हैं और उनका मैं सम्मान करता हूं, लेकिन उन्हें किसने अधिकार दिया कि वे इस मामले में बातचीत करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होगा।

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