अखिलेश के विधायक की गुंडागर्दी, ऑफिस में घुसकर बिजली विभाग के एसडीओ को पीटा!

सभी प्रमुख विपक्षी दल इस मामले को भुनाने में लगे हैं और इसे अखिलेश यादव के विधायकों की गुंडागर्दी बता रहे हैं।

चित्रकूट. डकैत ददुआ पुत्र सपा विधायक वीर सिंह पर बिजली विभाग के एसडीओ ने मारपीट का आरोप लगाते हुए कर्वी कोतवाली में विधायक सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामला दर्ज कर घटना की जांच कर रही है। हालांकि सत्ता पक्ष के विधायक से घटना के तार जुड़े होने के कारण कहीं न कहीं पुलिस इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने की भी कोशिश कर रही है। पीड़ित एसडीओ ने खुद की जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है, वहीं बिजली विभाग के कर्मचारी भी विधायक के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। एसडीओ की पिटाई से नाराज विभाग के कर्मचारियों ने पूरे जनपद की विद्युत व्यवस्था को लगभग दो घण्टे के लिए बाधित कर दिया। उच्चाधिकारियों के समझाने पर बिजली व्यवस्था बहाल की गई। वहीं दूसरी तरफ विधायक वीर सिंह ने आरोप को निराधार बताया है, तो विपक्षी पार्टियां इस घटना को राजनीतिक रंग देते हुए इसे अखिलेश यादव के विधायकों की गुंडागर्दी बता रहे हैं।


इस पूरे मामले की जानकारी के मुताबिक कर्वी से सपा विधायक वीर सिंह अपने एक करीबी वकील के निजी स्कूल के साढ़े 4 लाख रुपए बिजली के बिल को कम करवाने मुख्यालय स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे थे। कार्यालय में मौजूद विभाग के एसडीओ आशीष विश्वकर्मा ने वीर सिंह पर आरोप लगाते हुए बताया कि सपा विधायक लाखों के बिल को सिर्फ हजारों (लगभग 50 हजार रुपए) में निपटाने का दबाव बना रहे थे। एसडीओ के मुताबिक जब उन्होंने ऐसा करने से मना किया तो विधायक वीर सिंह अपने करीबी वकील और चार अन्य साथियों के साथ कार्यालय में तोड़फोड़ करने लगे और विरोध करने पर विधायक ने अपने साथियों के साथ एसडीओ को जमकर मारा पीटा व जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। घटना की जानकारी होने पर बिजली विभाग के कर्मचारी लामबंद हो गए और पूरे जनपद की विद्युत व्यवस्था को बाधित कर दिया। लगभग दो घण्टे तक पूरा जिला अंधेरे में डूबा रहा। उच्चाधिकारियों के समझाने पर बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी।

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इधर पीड़ित एसडीओ आशीष विश्वकर्मा ने कर्वी कोतवाली में विधायक वीर सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल तो कर रही है लेकिन मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण कहीं न कहीं पुलिस ढीली नजर आ रही है। वहीं बिजली विभाग के कर्मचारी भी हार मानने के मूड में नजर नहीं आ रहे, वे विधायक के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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उधर विधायक वीर सिंह ने सारे आरोपों को निराधार बताया है। विधायक ने उल्टा एसडीओ पर ही युवजन सभा के जिलाध्यक्ष से मारपीट का आरोप लगा दिया। विधायक के मुताबिक एसडीओ ने उनके करीबी वकील से रुपयों की मांग की थी और जब वे एसडीओ को समझाने उसके कार्यालय गए तो एसडीओ दुर्व्यवहार पर उतर आया और अपने कार्यालय में रखे कम्प्यूटर को स्वयं फेंक दिया और बोला अब देखता हूं तुम लोगों को। बहरहाल इस मामले को विपक्षी पार्टियां भुनाने में लगी हैं। सभी प्रमुख विपक्षी दल इसे सपा की खुलेआम गुंडागर्दी बता रहे हैं।

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नितिन श्रीवास्तव
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