STF और POLICE ने गोप्पा को गिरफ्तार कर पहुंचाया जेल

जनपद में एक लाख के इनामी खूंखार डकैत रामगोपाल उर्फ़ गोप्पा को एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

By: Mahendra Pratap

Published: 07 Nov 2017, 06:12 PM IST

चित्रकूट. जनपद में एक लाख के इनामी खूंखार डकैत रामगोपाल उर्फ़ गोप्पा को एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है लेकिन अब उसके गैंग के अन्य सदस्य इलाके में खतरनाक असलहों के साथ चहलकदमी करते हुए ख़ौफ का साम्राज्य कायम करने के हर संभव प्रयास में हैं। चार दिन पहले खुलेआम अधाधुंध फायरिंग कर किसान को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतारने वाले गोप्पा गैंग की दहशत तराई के इलाकों से लेकर पाठा के बीहड़ों तक साफ़ देखी जा सकती है।

असलहें लेकर इलाके में कायम कर रहे दहशत

खासतौर पर रैपुरा थाना क्षेत्र के आस-पास के इलाके तो इस गैंग की आहट से ही सहम जाते हैं। इन सबके बीच दस्यु गोप्पा को इतने सस्ते तरीके व सादगी से सलाखों के पीछे पहुंचाने को लेकर एसटीएफ व पुलिस की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है कि आखिर गोप्पा से किस तरीके से पूंछतांछ की गई कि ख़ाकी को उसके गैंग के बांकी सदस्यों का पता भी न चला और आज वही सदस्य हांथों में असलहें लेकर इलाके में हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देते हुए दहशत कायम कर रहे हैं।

सलाखों के पीछे अपने किए की सजा भुगत रहा खूंखार दस्यु गोप्पा और उसके गैंग की दहशत बराबर कायम है। चार दिन पहले गोप्पा गैंग के सदस्यों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए जनपद के रैपुरा थाना क्षेत्र के महुलिया गांव में किसान कैरा यादव की खुलेआम गोली मारकर हत्या व इस वारदात में मृतक के भतीजे अर्जुन के घायल होने के बाद एक बार फिर गोप्पा का नाम सुर्ख़ियों में आ गया है। पुलिसिया कहानी के मुताबिक जुलाई महीने में दस्यु गोप्पा को मऊ थाना क्षेत्र के लालता रोड के पास से मुठभेड़ के दौरान उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह भागने की फ़िराक में था। एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दस्यु गोप्पा की गिरफ़्तारी हुई थी। इन सबके इतर दस्यु गोप्पा की गिरफ़्तारी के बाद भी उसका दहशत भरा चेहरा अभी भी लोगों के जेहन में खौफ बनकर जिंदा है और हत्या की वारदात ने उसके गैंग के अस्तित्व को फिर से बीहड़ की निगाह बानी में ला दिया है।

तो सस्ते में निपटा दिया गया खूंखार गोप्पा को

गैंग सरगना को सलाखों के पीछे पहुंचाने के बाद जमकर अपनी पीठ थपथपा रही एसटीएफ व ख़ाकी को उसके गैंग ने खुली चुनौती देते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग से इस्तक़बाल किया और किसान की हत्या कर दहशत की आहट पुलिस के कानों तक पहुंचा दी। लम्बी चौड़ी कहानी बताकर दस्यु गोप्पा को इतने सस्ते में गिरफ़्तार करना और पूंछतांछ में बांकी सदस्यों का पता न चलना अब खुद पुलिस व एसटीएफ को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है। गैंग द्वारा वारदात व दहशत इस बात का कहीं न कहीं स्पष्ट संकेत है कि जब गोप्पा को गिरफ़्तार और रिमांड में लिया गया था तो उस समय गैंग के बांकी सदस्यों तथा हथियारों के बारे में ठीक तरीके से पूंछतांछ नहीं की गई और न ही गैंग के सदस्यों के हथियार बरामद किए गए। जिससे अब बचा हुआ गैंग इलाके के लिए ख़ौफ का पर्याय और खुद ख़ाकी के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। कई दिनों की चुप्पी के बाद गैंग ने इस बीच हत्या की वारदात को अंजाम देकर पुलिस को पुनः चुनौती दे दी।

राजा यादव के हांथों गैंग की कमान

सूत्रों के मुताबिक जेल में बंद दस्यु गोप्पा का भांजा राजा यादव अब गैंग की कमान संभाल रहा है। इस पर 15 हजार का इनाम भी है और किसान की हत्या की वारदात में इसी की गैंग का हांथ है। पुलिस भी यही मानती है कि दस्यु राजा यादव के साथ कौशाम्बी जिले का धुन्ना पासी व तीन अन्य सदस्य भी गैंग में हैं। कभी कभी गैंग में अन्य सदस्यों की वारदात के हिंसाब से इंट्री भी हो जाती है। सही तरीके से पूंछतांछ न करने का परिणाम आज खुद पुलिस व दस्यु प्रभावित इलाके के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उम्मीद थी ख़ाकी को कि सरगना के अंदर होने के बाद गैंग समाप्त हो जाएगा लेकिन हुआ इसके उलट और गैंग जिंदा हो गया।

लवलेश व बबुली भी दूर

पाठा के बीहड़ों में ख़ौफ का साम्राज्य कायम करने वाले खूंखार बबुली व लवलेश भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं जबकि इनके मुठभेड़ में घायल होने की बात खुद पुलिस ने बताई थी। दस्यु सरगनाओं सहित उनके पूरे गैंग के खात्मे के लिए ख़ाकी को ठोस रणनीति बनाने पर मंथन करना होगा अन्यथा इसी तरह दस्यु गैंग रक्तबीज की तरह उत्पन्न होते जाएंगे चाहे सरगना हो या न हो। एक सरगना के खत्म होने के बाद दूसरा तैयार हो जाता है।

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